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Hindi News ›   India News ›   UN Report 2023 Heatwave more than 90% of oceans at some point glaciers damage than 1950

UN: 2023 में किसी न किसी समय 90% से अधिक महासागरों में हीटवेव, 1950 के बाद ग्लेशियरों को काफी अधिक नुकसान

Wed, 20 Mar 2024 12:28 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 20 Mar 2024 12:28 AM IST
सार

डब्लूएमओ के महासचिव सेलेस्टे सौलो ने कहा कि 2023 में एक औसत दिन में महासागर का लगभग एक-तिहाई हिस्सा समुद्री लू की चपेट में था, जिससे पारिस्थितिक तंत्र और खाद्य प्रणालियों को नुकसान हुआ। 2023 के अंत तक, समुद्र के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से में किसी न किसी समय लू का अनुभव हुआ था।

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UN Report 2023 Heatwave more than 90% of oceans at some point glaciers damage than 1950
महासमुद्र में लू का एहसास। - फोटो : iStock

विस्तार

2023 में किसी न किसी समय 90 प्रतिशत से अधिक महासागरों में हीटवेव का अनुभव हुआ। वहीं, ग्लेशियरों को 1950 के बाद से ग्लेशियर को काफी अधिक नुकसान हुआ। संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्लूएमओ) ने मंगलवार को ‘डब्ल्यूएमओ स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट- 2023’ रिपोर्ट जारी की है। इसमें 2023 में जलवायु की स्थिति में ग्रीनहाउस गैस के स्तर, सतह के तापमान, समुद्र की गर्मी और अम्लीकरण, समुद्र के स्तर में वृद्धि, अंटार्कटिक समुद्री बर्फ के आवरण में रिकॉर्ड स्तर की वृद्धि देखी गई।

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एंटोनियो गुटेरेस बोले- संकेत खतरनाक हैं
डब्लूएमओ की रिपोर्ट से साफ होता है कि 2023 रिकॉर्ड सबसे गर्म वर्ष था। वैश्विक औसत सतह के पास का तापमान पहले से काफी अधिक था। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि संकेत खतरनाक हैं। आंकड़े सिर्फ चार्ट टॉपिंग नहीं बल्कि चार्ट बस्टिंग हैं। तेजी से बदलाव हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हीटवेव, बाढ़, सूखा, जंगल की आग और तेजी से बढ़ते चक्रवातों ने सिर्फ तबाही मचाई है। इन वजहों से रोजाना लाखों जिंदगियां प्रभावित हुईं हैं। अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है। 

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किसी न किसी समय लू का अनुभव, खाद्य संकट भी खड़ा हुआ
डब्लूएमओ के महासचिव सेलेस्टे सौलो ने कहा कि 2023 में एक औसत दिन में महासागर का लगभग एक-तिहाई हिस्सा समुद्री लू की चपेट में था, जिससे पारिस्थितिक तंत्र और खाद्य प्रणालियों को नुकसान हुआ। 2023 के अंत तक, समुद्र के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से में किसी न किसी समय लू का अनुभव हुआ था। पश्चिमी उत्तरी अमेरिका और यूरोप दोनों में ग्लेशियर कहीं अधिक पिघले हैं, जिससे काफी नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में खाद्य संकट से परेशान लोगों की संख्या दोगुनी हो गई है। COVID-19 महामारी से पहले खाद्य संकट से जूझ रहे लोगों की संख्या 149 मिलियन लोगों से बढ़कर 2023 में 333 मिलियन हो गई है।

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