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G20: जलवायु परिवर्तन पर गुटेरेस ने जताई चिंता, UN बोला- विश्व पेरिस लक्ष्यों को पूरा करने की राह से भटक गया

Fri, 08 Sep 2023 09:39 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 08 Sep 2023 09:39 PM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार को कहा कि जलवायु संकट नियंत्रण से बाहर हो रहा है, कुल मिलाकर, जी20 देश 80 फीसदी वैश्विक उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। आधे-अधूरे कदम जलवायु संकट को नहीं रोक पाएंगे।

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UN chief said half hearted measures will not stop the climate crisis
António Guterres - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार को कहा कि जलवायु संकट नियंत्रण से बाहर हो रहा है, कुल मिलाकर, जी20 देश 80 फीसदी वैश्विक उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। आधे-अधूरे कदम जलवायु संकट को नहीं रोक पाएंगे। उन्होंने जी20 देशों से प्राथमिकता वाले दो क्षेत्रों में नेतृत्व प्रदर्शित करने का आग्रह किया, जिनमें जलवायु परिवर्तन को रोकना और सतत विकास लक्ष्यों को बचाना शामिल हैं।

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आगे  एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि जी20 देशों को 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के लक्ष्य को कायम रखते हुए, जलवायु न्याय पर आधारित विश्वास का पुनर्निर्माण और हरित अर्थव्यवस्था के जरिए न्यायसंगत परिवर्तन को आगे बढ़ाकर नेतृत्व दिखाना चाहिए। 
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बता दें कि विभिन्न देशों ने 2015 में पेरिस जलवायु वार्ता में, जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों से बचने के लिए औद्योगिक क्रांति (1850-1900) से पहले के स्तरों की तुलना में ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने पर सहमति जताई थी।
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यहां जी20 शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमारे पास गंवाने के लिए समय नहीं है, जहां तक मैं देख सकता हूं, चुनौतियां फैली हुई हैं। जलवायु संकट तेजी से गहरा रहा है, लेकिन सामूहिक प्रतिक्रिया में महत्वाकांक्षा, प्रामाणिकता और तत्परता की कमी है।

उन्होंने जी20 नेताओं से 1.5 डिग्री सेल्सियस के लक्ष्य को बनाए रखने, जलवायु न्याय पर आधारित विश्वास का पुनर्निर्माण करने और हरित अर्थव्यवस्था के जरिए न्यायसंगत परिवर्तन को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने बड़े पैमाने पर उत्सर्जन करने वाले देशों से इसमें कटौती के लिए अतिरिक्त प्रयास करने और लक्ष्य हासिल करने के लिए उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समर्थन करने का आग्रह किया। 

उन्होंने कहा कि विकसित देशों को 2040 तक और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को 2050 तक ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को शून्य स्तर (नेट जीरो) तक पहुंचाना चाहिए। एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) देशों को 2030 तक और अन्य देशों को 2040 तक कोयले का उपयोग चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर देना चाहिए।

विश्व पेरिस लक्ष्यों को पूरा करने की राह से भटक गया है
संयुक्त राष्ट्र ने जलवायु परिवर्तन को लेकर एक रिपोर्ट जारी की जिसमें कहा गया है कि विश्व पेरिस लक्ष्यों को पूरा करने की राह से भटक गया है। शुक्रवार को प्रकाशित पहली ग्लोबल स्टॉकटेक (जीएसटी) पर एक तकनीकी रिपोर्ट में कहा गया है कि पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने की संभावना को बढ़ाना चाहिए। जलवायु प्रभावों से सबसे अधिक प्रभावित लोगों को समाधान तैयार करने में शामिल किया जाना चाहिए।

जीएसटी पेरिस समझौते के उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में सामूहिक वैश्विक प्रगति का आकलन करने के लिए दो साल की संयुक्त राष्ट्र समीक्षा है। पहला स्टॉकटेक नवंबर 2021 में ग्लासगो में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP26) में शुरू हुआ और इस साल दुबई में कोप28 में समाप्त होगा।


रिपोर्ट में कहा गया है कि नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ाना और बेरोकटोक जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना शुद्ध-शून्य उत्सर्जन की ओर ऊर्जा परिवर्तन के अपरिहार्य तत्व हैं। जलवायु वित्त, विशेष रूप से विकासशील देशों में, जलवायु कार्रवाई के लिए एक केंद्रीय प्रवर्तक बना हुआ है। रिपोर्ट जलवायु वित्त में प्रगति और कमी दोनों पर प्रकाश डालती है। जबकि सार्वजनिक धन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता बढ़ रही है।

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