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उमा ने पीएम मोदी से कहा, मैं गंगोत्री से गंगासागर तक जाना चाहती हूं
ब्यूरो /अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 11 Aug 2016 05:03 AM IST
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नमामि गंगे अभियान की कोशिशें जमीन पर बेशक नहीं उतर पा रही हैं। लेकिन इसके जरिए राजनीति चमकाने का खेल बदस्तूर जारी है। इस कवायद में केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने पीएम मोदी के आगे गंगोत्री से गंगासागर तक पदयात्रा की इच्छा जताई है।
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उमा ने कहा है, ‘मेरी गंगोत्री से गंगासागर तक पदयात्रा करने की इच्छा है ताकि मैं स्वयं प्रत्येक स्थान पर जाकर गंगा स्वच्छता की समीक्षा का सकूं। यदि प्रधानमंत्रीजी से अनुमति मिल गई तो गंगोत्री से गंगासागर तक पदयात्रा करूंगी।’
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हालांकि भारती गंगा को लेकर पहले भी यात्रा कर चुकी हैं। बावजूद उसके उनकी प्रस्तावित यात्रा को सियासी नजरिए से देखा जा रहा है। उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश में चुनाव होने वाले हैं। इन्हीं दो राज्यों में गंगा का अधिकांश बहाव क्षेत्र है। यात्रा के मायने स्पष्ट हैं कि पदयात्रा के जरिए भारती इन दोनों राज्यों में भगवा परिवार का ब्रांड चेहरा बनना चाहती हैं। इस कड़ी में उन्होंने मंगलवार को सांसदों को बुलाकर प्रयास भी किया।
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सूत्र बताते हैं कि उमा ने उत्तराखंड, यूपी और बिहार के तमाम सांसदों को नमामि गंगे की सफलता में सहयोग के नाम पर अपने आवास पर आमंत्रित किया था। लेकिन कुछ ही सांसद उनके आयोजन में पहुंचे अधिकांश ने किसी न किसी वजह से दूरी बरती।
सांसदों को संबोधित करते हुए उमा ने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम आजादी के बाद देशवासियों द्वारा गंगा में फैलाए गए प्रदूषण का प्रायश्चित है। मैं हमेशा बोलती हूं कि नमामि गंगे कार्यक्रम गंगा के पर एहसान नहीं है। तो कुछ सांसदों ने अपने अपने क्षेत्रों में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत विशेष परियोजनाएं शुरू करने की मांग की।