यूक्रेन: जेलेंस्की के कार्यालय के प्रमुख ने NSA डोभाल से की फोन पर बात, शांति के लिए मांगा भारत का समर्थन
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के कार्यालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि येरमक ने डोभाल के साथ फोन पर बातचीत में 'वैश्विक शांति शिखर सम्मेलन' की तैयारियों पर चर्चा की और यूक्रेनी शांति योजना के लिए वैश्विक समर्थन को मजबूत करने पर जोर दिया।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के स्टाफ प्रमुख एंड्री येरमक ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से फोन पर बातचीत की और रूस के लगातार हमलों के मद्देनजर अपने देश की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने यूक्रेन में शांति के लिए भारत का समर्थन मांगा है।
जेलेंस्की के कार्यालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि येरमक ने डोभाल के साथ फोन पर बातचीत में 'वैश्विक शांति शिखर सम्मेलन' की तैयारियों पर चर्चा की और यूक्रेनी शांति योजना के लिए वैश्विक समर्थन को मजबूत करने पर जोर दिया। हिरोशिमा में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जेलेंस्की के बीच हुई बातचीत के तीन हफ्ते बाद फोन पर यह बातचीत हुई। बैठक में मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति से कहा था कि भारत यूक्रेन संघर्ष का हल निकालने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
बयान में कहा गया, बातचीत का मुख्य विषय 'यूक्रेनी शांति योजना का कार्यान्वयन' था। दोनों पक्षों ने वैश्विक शांति शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा की। एंड्री येरमक ने इस आयोजन में वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) सहित देशों को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसमें कहा गया है कि हाल की घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यूक्रेनी शांति योजना, कीव और पूरी दुनिया के लिए पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।
इसमें आगे कहा गया, हम शांति योजना के कार्यान्वयन पर वैश्विक शिखर सम्मेलन की तैयारियों को लेकर भागीदारों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि भारत इसमें हिस्सा लेगा। बयान में कहा गया है कि येरमक ने डोभाल को अग्रिम मोर्चे पर मौजूदा स्थिति के साथ-साथ यूक्रेन के शहरों और नागरिकों के खिलाफ रूस के चल रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बयान में कहा गया है कि येरमक ने पिछले सप्ताह नीप्रो नदी पर काखोवका बांध को उड़ाने का मुद्दा भी उठाया और भारत से इस मानव निर्मित आपदा के परिणामों को खत्म करने के प्रयासों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ शामिल होने का आह्वान किया ।इसमें कहा गया है कि हमलावर ने एक अभूतपूर्व मानव निर्मित, पर्यावरणीय और मानवीय आपदा पैदा की है।