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यूक्रेन संकट: स्टूडेंट्स से बोले यूक्रेनी अधिकारी- बंकर में रहो, एयर रूट बंद होने से फंसे 15 हजार छात्र, जल्द वापसी की उम्मीद नहीं

Thu, 24 Feb 2022 07:12 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Thu, 24 Feb 2022 07:12 PM IST
सार

अमर उजाला डॉट कॉम से फोन पर बात करते हुए मुंबई के अमन थांबे कहते हैं कि यहां पर सब कुछ बंद हो चुका है। अगर इसी तरीके के हालात रहे तो अगले एक-दो दिनों के भीतर उनके पास खाने-पीने का भी कोई सामान नहीं बचेगा। वह कहते हैं कि उनके पास यूक्रेन से किसी भी दूसरी जगह जाने का कोई भी जरिया बचा है और न ही साधन। ऐसे में उनके पास इस भीषण युद्ध में अपनी जान बचाने की प्राथमिकता है...

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Ukraine crisis: Ukrainian officials told the students - stay in the bunker, 15 thousand students trapped due to the closure of the air route, no hope of return soon
यू्क्रेन में पढ़ रहे अपने बच्चों की वीडियो कॉल पर जानकारी ले रहे पैरेंट्स। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आप लोग जैसे बच सकते हैं बचिए... हमने बंकर तैयार किये हैं...आप लोग वहां जाइये। लगातार रॉकेट से हमले हो रहे हैं। हम लोग अब क्या करेंगे...इतना कहते हुए बठिंडा की सिमरनजीत कौर रोने लगीं। सिमरन ने कहा कि उनके जैसे सैकड़ों स्टूडेंट्स हैं जो बहुत परेशान हैं। अमर उजाला डॉट कॉम ने यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों से बात की तो पता चला कि अगले कुछ दिनों तक अब फिलहाल कोई कुछ बताने वाला नहीं है। क्योंकि यहां पर लगातार हमले हो रहे हैं। 

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रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है। इस हमले में लगातर हताहत होने वालों की खबरें आ रहीं हैं। इस दौरान अपने देश से मेडिकल की पढ़ाई करने गए स्टूडेंट्स परेशान हैं। अमर उजाला डॉट कॉम से हुई बातचीत में यूक्रेन में फंसे कई स्टूडेंट्स ने बताया कि सब कुछ इतना अचानक हुआ कि कुछ समझ नहीं आया कि अब क्या किया जाए। पंजाब के मोहाली निवासी मनप्रीत कहते हैं कि हैं खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस के तीसरे साल के स्टूडेंट हैं। उनको बीती रात बताया गया कि आप लोग अपने देश जाने की व्यवस्था करिए। मनप्रीत कहते हैं कि उन्होंने अपने घरवालों से कहकर वापसी के लिए प्रयास शुरू किये लेकिन पता चला कि अब यहां से कोई फ्लाइट ऑपरेट नहीं होगी। वह कहते हैं कि अब यहां के प्रशासन ने अपनी कोई भी जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है। वह लगातार भारतीय हेल्पलाइन पर संपर्क कर रहे हैं।
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सुरक्षित रहने के लिए छोत्रों से बंकरों में जाने की अपील 
बठिंडा की सिमरन यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। सिमरन कहती हैं कि उनकी गुरुवार की एयर इंडिया की फ्लाइट थी लेकिन एयर रूट बंद होने की वजह से वह वापस नहीं जा पा रही हैं। अब वह लगातार यूक्रेन के अधिकारियों से संपर्क में हैं। सिमरन के मुताबिक यूक्रेन का फिलहाल कोई भी शहर अब सुरक्षित नहीं बचा है। सरकार की ओर से उनको बताया गया है कि जो बंकर पहले से तैयार किए गए हैं आप लोग वहां पर जाकर अपना बचाव कर सकते हैं। उनका कहना है ऐसे में उनकी जान को खतरा है। फिलहाल वह अपने हॉस्टल से निकलकर भारतीय दूतावास और भारतीय हेल्पलाइन पर संपर्क कर रही है।
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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के शशांक मिश्रा ब्लैक सी नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस तीसरे साल के छात्र हैं। उनका कहना है कि जिस तरीके के यूक्रेन में हालात थे उसको देखते हुए उन लोगों ने अगले एक दो  दिनों के भीतर की अपनी वापसी की टिकट कराई थी। लेकिन सारी फ्लाइट रद्द होने की वजह से अब भारत वापसी की फिलहाल कोई भी उम्मीद नजर नहीं आ रही है। शशांक कहते हैं कि यूक्रेन में इस वक्त करीब 12 से 15 हजार भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। जिस तरह यूक्रेन में युद्ध चल रहा है उससे ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा है कि अगले कुछ दिनों के भीतर चीजें सामान्य होंगी और वह वापस अपने घर आ सकेंगे। उन्होंने मांग की है कि जल्दी से जल्दी यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को भारत सरकार वापस लेकर आए। 


सारे रास्ते बंदा, कैसे लौटें अपने देश
अमर उजाला डॉट कॉम से फोन पर बात करते हुए मुंबई के अमन थाम्बे कहते हैं कि यहां पर सब कुछ बंद हो चुका है। अगर इसी तरह हालात रहे तो अगले एक दो दिनों में उनके पास खाने-पीने का भी कोई सामान नहीं बचेगा। वह कहते हैं कि उनके पास यूक्रेन से किसी भी दूसरी जगह जाने का न कोई रास्ता बचा है और न ही साधन। ऐसे में उनके पास इस भीषण युद्ध मैं अपनी जान बचाना ही  सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा जिस तरह एयर रूट पूरी तरह बंद कर दिया गया है ऐसे में वतन वापसी का कोई भी रास्ता नजर नहीं आ रहा है। फिलहाल वह विन्नित्सा में अपने दोस्त के घर पर हैं लेकिन यह इलाका बहुत सुरक्षित नहीं है। वह कहते हैं कि अभी आप से बात भी हो रही है संभव है अगले कुछ देर में नेटवर्क ध्वस्त हो जाए और हमारी बातचीत भी न हो सके।

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