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Ukraine Crisis: जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक के संयुक्त बयान पर सभी की नजर; फ्रांस बोला- हमें भारत पर भरोसा
Fri, 24 Feb 2023 10:17 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 24 Feb 2023 10:17 PM IST
सार
फ्रांसीसी वित्तमंत्री ने कहा, भारत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और मुझे लगता है कि भारत इस मजबूत विज्ञप्ति के लिए सबसे अच्छी स्थिति में है, जिसका हम सभी इंतजार कर रहे हैं।
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रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : PTI
विस्तार
फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रूनो ले माइरे ने शुक्रवार को यूक्रेन में युद्ध की निंदा की। उन्होंने कहा, फ्रांस यूक्रेन में युद्ध की निंदा से कदम पीछे लेने वाले किसी भी बयान का कड़ा विरोध करेगा। उन्होंने कहा, फ्रांस दृढ़ है और यूक्रेन के खिलाफ रूस के अवैध क्रूर हमले के लिए जी20 का उपयोग करता है।
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फ्रांसीसी मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब जी20 देशों के वित्तमंत्रियों की बैठक का संयुक्त बयान शनिवार को जारी होना है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि भारत इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, हमें उस पर पूरा भरोसा है।
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भारत ड्राइविंग सीट पर
फ्रांसीसी वित्तमंत्री ने कहा, भारत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और मुझे लगता है कि भारत इस मजबूत विज्ञप्ति के लिए सबसे अच्छी स्थिति में है, जिसका हम सभी इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, या तो हम बाली सम्मेलन में जारी की गई विज्ञप्ति पर कायम रहें या फिर फ्रांस उस विज्ञप्ति से पीछे हटने के कदम का विरोध करेगा। उन्होंने कहा, यह G20 बैठक यूक्रेन में युद्ध की घोषणा के एक साल बाद हो रही है और पेरिस ने इस G20 का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ रूस के अवैध और क्रूर हमले की कड़ी निंदा करने के लिए किया है। उन्होंने आगे कहा, हम प्रधानमंत्री मोदी के विचारों को साझा करते हैं कि यह युद्ध का युग नहीं होना चाहिए। यूक्रेन में इस युद्ध के साथ जो कुछ भी दांव पर लगा है, वह संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के प्रमुख सिद्धांत हैं।
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यूक्रेन युद्ध एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं
ब्रूनो ले माइरे ने कहा, यूक्रेन में युद्ध एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि एक वैश्विक संघर्ष है और यह न केवल यूक्रेन और यूरोपीय देशों बल्कि दुनिया भर को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा, रूस पर हमारे प्रतिबंध मजबूत हैं।
कल जारी होना है संयुक्त बयान
बता दें, जी20 देशों के वित्तमंत्रियों की बैठक का संयुक्त बयान शनिवार को जारी होना है। शीर्ष 20 अर्थव्यवस्थाओं के नेता, इस बात पर बहस कर रहे हैं कि दो दिवसीय बैठक के बाद जारी होने वाली एक संयुक्त विज्ञप्ति में यूक्रेन संकट को कैसे संबोधित किया जाना चाहिए। मेजबान भारत चाहता है कि भू-राजनीतिक तनाव को संकट या चुनौती के रूप में संदर्भित किया जाए, जबकि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश चाहते हैं कि इसे युद्ध से कम कुछ भी संबोधित न किया जाए।
अमिताभ कांत ने की नए संस्थानों की जरूरत की पैरवी
भारत के जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि दुनिया को जलवायु कार्रवाई और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को आगे बढ़ाने के लिए नए संस्थानों की जरूरत है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक जैसे संगठन इन चुनौतियों से निपटने के लिए नहीं बने हैं। ‘विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन’ में ‘भारत की जी-20 अध्यक्षता : विकासशील देशों के लिए कार्रवाई योग्य एजेंडा तैयार करना’ विषय पर आयोजित परिचर्चा को संबोधित करते हुए कांत ने यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि चुनौतियां बाहरी हैं। उन्होंने कहा, हमने एक साल से जारी युद्ध को देखा है, नहीं जानते कि आने वाले दिनों में यह क्या आकार लेगा। जी-20 अनिवार्य रूप से आम सहमति बनाने का एक मंच है। उन्होंने कहा, यूरोप में भू-राजनीति में सुधार नहीं हो रहा है क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध एक साल से चल रहा है और इसके हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जी-20 बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 85 फीसदी और वैश्विक व्यापार का 75 फीसदी इससे जुड़ा है।