टीकाकरण अभियान में बड़ा खुलासा: दो तिहाई हेल्थ वर्कर्स ने लगवाई ही नहीं वैक्सीन की दूसरी डोज
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक देश में कोविड की पहली डोज तो लोग ले रहे हैं लेकिन दूसरी डोज लगवाने में थोड़ी सी लापरवाही बरत रहे हैं। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हैरानी की बात तो तब हुई जब यह पता चला कि हेल्थ वर्कर्स भी पहली डोज़ के बाद दूसरी डोज़ के लिए नहीं पहुंचे।...
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हेल्थ वर्कर्स के लिए शुरू हुए टीकाकरण अभियान में भी दो तिहाई हेल्थ वर्करों ने अब तक टीके की दूसरी डोज नहीं लगवाई है। जबकि हेल्थ वर्करों के लिए जनवरी में ही विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया जा चुका था। ऐसा सिर्फ हेल्थ वर्कर्स के साथ ही नहीं देश के बहुत से लोगों के साथ हो रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक दूसरी डोज़ को लेने में लोग लापरवाही बरत रहे हैं। हालांकि लोगों का आरोप है कि उन्हें वक्त पर टीका ही नहीं मिल पा रहा है तो उसे लगाएंगे कैसे। हालांकि इस पूरे मामले को स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन आने वाले कई महकमे पूरी निगरानी कर रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक देश में कोविड की पहली डोज तो लोग ले रहे हैं लेकिन दूसरी डोज लगवाने में थोड़ी सी लापरवाही बरत रहे हैं। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हैरानी की बात तो तब हुई जब यह पता चला कि हेल्थ वर्कर्स भी पहली डोज़ के बाद दूसरी डोज़ के लिए नहीं पहुंचे। तकरीबन दो तिहाई हेल्थ वर्कर पहली डोज लेने के बाद दूसरी डोज़ के लिए सेंटर्स पर नहीं पहुंचे। जबकि मंत्रालय ने सबसे पहले जनवरी में ही हेल्थ वर्कर्स के लिए टीके की शुरुआत की थी। यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। हालांकि एक डोज लेने वालों को भी संक्रमण का खतरा उतना नहीं है लेकिन प्रोटोकॉल के मुताबिक दूसरी डोज अतिआवश्यक है। क्योंकि दूसरी डोज लेने के बाद ही टीका लगवाने वाला व्यक्ति पूरी तरीके से सुरक्षित है।
कोविशील्ड की डोज का अंतराल तो एक माह पहले बढ़ा है
मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अगर आप आंकड़ों पर नजर डालें तो पाएंगे कि देश में इस वक्त पहली डोज़ लगवाने वाले लोगों की संख्या 20 करोड़ से ज्यादा पहुंच चुकी है। जबकि दूसरी डोज़ लेने वालों की संख्या महज चार करोड़ के करीब ही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी कहते हैं कि कोविशील्ड टीके के इंटरवल को तो एक महीने पहले ही बढ़ाया गया है। मई से पहले 6 से 8 सप्ताह का अंतराल था। जबकि अप्रैल तक तो एक महीने बाद ही दूसरी डोज़ लग रही थी। लेकिन टीके की मॉनिटरिंग करने वाली कमेटी की अपनी फाइंडिंग में पता चला है कि हेल्थ वर्कर भी टीके की पूरी डोज़ नहीं ले पाए हैं।
टीके की मॉनिटरिंग करने वाली कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि टीके की पहली डोज ही संक्रमण को बहुत बचाती है। लेकिन जब तक दोनों डोज नहीं लग जाएंगी तब तक लोग पूरी तरीके से सुरक्षित नहीं होंगे। इसलिए आज के तय प्रोटोकॉल के मुताबिक वैक्सीनेशन पूरा होना बेहद जरूरी है। लोगों द्वारा टीके की दूसरी खुराक न लिए जाने की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों से साझा की गई है। इसके अलावा टीके की पहली और दूसरी डोज के इंटरवल को समीक्षा की जा रही है। जिन लोगों को टीके की एक डोज़ लग चुकी है और जिन लोगों को दूसरी डोज़ लग चुकी है, दोनों में वायरस संक्रमण के खतरे का भी आकलन किया जा रहा है।