केरल चुनावः दो दिग्गजों को टक्कर दे रहे दो छात्र नेता
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केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी और सीपीएम के बुजुर्ग नेता वी एस अच्युतानंदन अपनी पारंपरिक सीटों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। मगर दो छात्र नेताओं की मौजूदगी ने केरल की राजनीति के इन दो ध्रुवों के मुकाबलों को दिलचस्प बना दिया है।
कोट्टयम जिले में पुथुपल्ली सीट में तिहत्तर वर्ष के चांडी के मुकाबले लेफ्ट फ्रंट ने स्टुडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के प्रदेश अध्यक्ष छब्बीस वर्षीय जैक सी थामस को मैदान में उतारा है। ध्यान रहे जैक अभी एमए के छात्र भी हैं।
तो वहीं पुथुपल्ली से तकरीबन सवा दो सौ किलोमीटर दूर पलकड़ जिले की मलमपुषा सीट पर 92 वर्ष के बुजुर्ग अच्युतानंदन को कांग्रेस की छात्र शाखा केएसयू (केएसयू) के 29 वर्षीय प्रदेश अध्यक्ष वी एस जॉय चुनौती दे रहे हैं।
मलमपुषा सीट पचास साल से लेफ्ट के पास है और पिछले पंद्रह वर्ष से अच्युतानंदन यहां से विधायक हैं। पार्टी का स्टार प्रचारक होने के नाते वह बहुत कम समय यहां दे पा रहे हैं। दूसरी ओर जॉय आपको खुली जीप में प्रचार करते दिख जाएंगे।
नब्बे वर्ष के दिग्गज के खिलाफ चुनाव लड़ते कैसा लग रहा है? जॉय कहते हैं, 'यहां (मलमपुषा) मुकाबला 92 वर्ष बनाम 29 वर्ष का है! वी एस मुख्यमंत्री रह चुके हैं, अभी विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। लेकिन यहां की हालत बहुत खराब है।
पूरे मंडलम (विधानसभा क्षेत्र) में 139 कॉलेज हैं, लेकिन एक भी गर्वमेंट एडेड नहीं है। क्षेत्र में मलमपुषा बांध है, लेकिन लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है।'
लेकिन वी एस की लोकप्रियता का यह हाल है कि विशालकाय मलमपुषा बांध के नजदीक ही आपको सुधीरन जैसे उनके कट्टर समर्थक मिल जाएंगे, जो यह कहते हैं कि वी एस को कोई हरा नहीं सकता।
'चांडी यहां के फादर जैसे हैं'
उधर, पुथुपल्ली में चांडी पिछले दस विधानसभा चुनाव से लगातार जीतते आ रहे हैं। पुथुपल्ली में ही उनका घर है। इसके बावजूद पूरे क्षेत्र में कांग्रेस का कोई खास प्रचार नजर नहीं दिखता। इसके उलट यहां का मुख्य चौराहा और छोटा सा मार्केट माकपा के लाल झंडों से अटा पड़ा है।
यहीं एक चुनावी सभा से थोड़ा पहले अमर उजाला से बात करते हुए जैक यूडीएफ सरकार के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगा देते हैं। वह कहते हैं कि सोलर और बार स्कैम ही नहीं यहां एजुकेशन से लेकर हेल्थ डिपार्टमेंट तक में भ्रष्टाचार है। पीने का पानी नहीं है।
मगर नजदीक ही एक मेडिकल स्टोर के युवा संचालक चार्ली की टिप्पणी भी सुन लीजिए। वह कहते हैं, चांडी यहां फादर जैसे हैं। वह सबका खयाल रखते हैं। वह जब भी यहां आते हैं, उनसे कोई भी मिल सकता है। इन दोनों क्षेत्रों के नतीजे चाहे कुछ भी हों, लेकिन कांग्रेस और माकपा के जाइंट्स से मुकाबला कर रहे युवा जैक और जॉय के हौसले कम नहीं हैं।
दोनों सीटों पर भाजपा भी मैदान में
मलमपुषा और पुथुपल्ली सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं। मलमपुषा सीट से पलकड़ कॉरपोरेशन के वाइस चेयरमैन कृष्णकुमारन उम्मीदवार हैं। वास्तव में पलकड़ पूरे केरल में अकेला ऐसा नगर निकाय है, जहां पहली बार भाजपा ने कब्जा किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह मई को पलकड़ जिले में भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में एक रैली को संबोधित करने वाले हैं। इस क्षेत्र में आरएसएस काफी पहले से सक्रिय है। दूसरी ओर पुथुपल्ली सीट पर भाजपा उम्मीदवार जॉर्ज कुरियन की कोई खास मौजूदगी नजर नहीं आती।