मन्नान प्रकरण में एएमयू के दो कश्मीरी छात्रों पर देशद्रोह का मुकदमा
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शोध छात्र से आतंकी बने मन्नान बशीर वानी के सेना द्वारा मारे जाने के बाद बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय परिसर में देश विरोधी नारेबाजी करने के मामले में कश्मीर के रहने वाले शोध छात्र वसीम अयूब मलिक और अब्दुल अबीर मीर पर शुक्रवार को देशद्रोह का केस दर्ज कराया गया। एफआईआर में कुछ अन्य अज्ञात छात्रों को भी शामिल किया गया है।
मन्नान को शहीद घोषित कर नमाज-ए-जनाजा पढ़ने की कोशिश और हंगामा करने के मामले में एएमयू प्रशासन ने 9 छात्रों को कारण बताओ नोटिस भेजा है। 48 घंटे में जवाब देना होगा। जवाब आने के बाद कुछ छात्रों को निलंबित करने का फैसला लिया जा सकता है। साथ ही प्रॉक्टर ने डिप्टी प्रॉक्टर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन भी किया है।
सीसीटीवी फुटेज से पहचाने जाएंगे और छात्र
एसएसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि छात्रों पर देशद्रोह का केस थाना सिविल लाइन की मेडिकल रोड चौकी प्रभारी इसरार अहमद ने दर्ज कराया है। नारेबाजी प्रकरण से संबंधित कुछ वीडियो प्राप्त हुए हैं। एएमयू इंतजामिया को पत्र लिखकर कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मुहैया कराने को कहा है, ताकि उनके साथ शामिल अन्य छात्रों को पहचाना जा सके। उनके द्वारा की गई कार्रवाई से अवगत कराने को भी कहा है।
एएमयू जनसंपर्क कार्यालय के सदस्य प्रभारी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि नमाज-ए-जनाजा में शामिल छात्रों की पहचान की जा रही है। अब तक चिह्नित 9 छात्रों को नोटिस जारी किया जा रहा है। जांच टीम सीसीटीवी और अन्य साक्ष्य देखकर आरोपी छात्रों की पहचान कर रही है।
इन छात्रों को नोटिस
वसीम अयूब मलिक पीएचडी, अब्दुल हसीब मीर पीएचडी, पीरजादा दानिश साबिर बीएससी, एयाज अहमद भट्ट एमएससी, मो. सुल्तान खान एमफिल, रकीब सुल्तान बीएससी, समीउल्ला रैदर बीएससी, शौकत अहमद लॉन और पीरजादा मेहबुबुल हक बीए।
ये हुए निलंबित
एएमयू प्रशासन ने वसीम अयूब मलिक, पीएचडी छात्र (शोपियां, जम्मू-कश्मीर) और अब्दुल हसीब मीर, पीएचडी छात्र (हंदवाड़ा, कुपवाड़ा, जम्मू-कश्मीर) को निलंबित कर दिया है।