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मालदीव संकटः इमरजेंसी के दौरान कवरेज कर रहे दो पत्रकारों को किया गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 09 Feb 2018 09:02 PM IST
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Maldives Army on High Alert
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मालदीव में चल रहे विवाद की कवरेज कर रहे दो पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों ही पत्रकार फ्रांस न्यूज एजेंसी में कार्यरत हैं। शुक्रवार को एएनआई न्यूज एजेंसी ने बताया कि अमृतसर के मनी शर्मा और लंदन के अतीश रावजी पटेल दोनों एएफपी मैं कार्यरत हैं। जिन्हें मालदीव में राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के चलते गिरफ्तार कर लिया गया है।
मालदीव के सांसद अली अजहर ने बताया कि हमारे पास अब प्रेस की स्वतंत्रता नहीं है। बीती रात एक न्यूज चैनल को भी बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि हम तत्काल लोकतंत्र की बहाली और कानून के शासन की मांग करते हैं।
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मालदीव के सांसद अली अजहर ने बताया कि हमारे पास अब प्रेस की स्वतंत्रता नहीं है। बीती रात एक न्यूज चैनल को भी बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि हम तत्काल लोकतंत्र की बहाली और कानून के शासन की मांग करते हैं।
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मालदीव इन दिनों सभी की आंख का तारा बना हुआ है
मालदीव
बता दें कि पिछले दिनों आपातकाल घोषित किए जाने के पहले से ही देश में राष्ट्रपति यामीन का विरोध हो रहा था। इसके चलते उन्होंने 5 फरवरी को देश में 15 दिन के लिए इमरजेंसी लगा दी थी। ऐतिहासिक रूप से महाद्वीप में हो रही हलचल के बाद भारत और चीन दोनों की नजर मालदीव पर टिकी है और भारत ने मालदीव में चीन के बढ़ते प्रभाव से पीछे हटने की मांग की थी लेकिन यामीन ने अपनी दोस्ती चीन और सऊदी अरब से बढ़ाई है क्योंकि दोनों देशों ने इस महाद्वीप में बहुत निवेश किया है।
इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्यों मालदीव इन दिनों सभी की आंख का तारा बना हुआ है क्योंकि वो हिंद महासागर में वहां स्थित है उसपर भारत, चीन सहित कई देशों की नजर है।
बता दें कि मालदीव संकट तब और बढ़ गया जब यामीन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व राष्ट्रपति नाशीद की रिहाई के साथ नौ अन्य विपक्षी नेताओं को रिहा करने के आदेश दे दिया था। उसके बाद राष्ट्रपति यामीन ने सुप्रीम कोर्ट के पांच जज सहित सभी को गिरफ्तार करने का निर्देश जारी कर दियाथा। बता दें कि निष्कासित राष्ट्रपति नाशीद पहले लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेता थे।
इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता क्यों मालदीव इन दिनों सभी की आंख का तारा बना हुआ है क्योंकि वो हिंद महासागर में वहां स्थित है उसपर भारत, चीन सहित कई देशों की नजर है।
बता दें कि मालदीव संकट तब और बढ़ गया जब यामीन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व राष्ट्रपति नाशीद की रिहाई के साथ नौ अन्य विपक्षी नेताओं को रिहा करने के आदेश दे दिया था। उसके बाद राष्ट्रपति यामीन ने सुप्रीम कोर्ट के पांच जज सहित सभी को गिरफ्तार करने का निर्देश जारी कर दियाथा। बता दें कि निष्कासित राष्ट्रपति नाशीद पहले लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेता थे।