Global Warming: बीते सप्ताह अरब सागर में एकसाथ बने दो चक्रवात, मौसम विभाग ने इसे बताया दुर्लभ
मौसम विभाग ने बताया कि बीते सप्ताह 20 अक्तूबर को यह चक्रवात तेज अरब सागर में बना, जो 23 अक्तूबर को यमन तट से टकराया था। उसी समय 21 अक्तूबर को बंगाल की खाड़ी में एक और हामून चक्रवात बना जो 24 अक्तूबर को बांग्लादेश तट पर टकराया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीते सप्ताह एक दुर्लभ घटना हुई, जब दो चक्रवात एक साथ बने। ऐसा अब तक पहले तीन बार ही हुआ है, लेकिन पिछले 6 साल में तीसरी बार हो रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इसे दुर्लभ से भी दुर्लभतम घटना बताया है।
मौसम विभाग ने बताया कि बीते सप्ताह 20 अक्तूबर को यह चक्रवात तेज अरब सागर में बना, जो 23 अक्तूबर को यमन तट से टकराया था। उसी समय 21 अक्तूबर को बंगाल की खाड़ी में एक और हामून चक्रवात बना जो 24 अक्तूबर को बांग्लादेश तट पर टकराया। आईएमडी का कहना है कि आमतौर पर ऐसा नहीं होता है कि एक साथ दो चक्रवात बने। मौसम विभाग की प्रवक्ता के अनुसार कई उष्णकटिबंधीय चक्रवात उस समय विकसित होते हैं, जब वातावरण में एक कमजोर उथल-पुथल के साथ वातावरण की स्थिति अनुकूल होती है। दूसरे तब बनते हैं, जब अन्य प्रकार के चक्रवात उष्णकटिबंधीय विशेषताओं को प्राप्त कर लेते हैं। पिछले कुछ सालों के दौरान चक्रवातों की प्रवृत्ति में बदलाव देखा जा रहा है। चक्रवाती तूफानों की तीव्रता में वृद्धि देखी जा रही है। विशेषज्ञों की मानें तो ग्लोबल वार्मिंग के कारण चक्रवातों के आने की दर और तीव्रता लगातार बढ़ रही है।
1977 में भी बने थे दो चक्रवात
मौसम विभाग के अनुसार 1977 में नवंबर में दो चक्रवात बने थे। एक नौ नवंबर को बना, जिसने आंध्रप्रदेश को प्रभावित किया था। दूसरा चक्रवात 14 नवंबर को बना था, जो तमिलनाडु को प्रभावित करते हुए अरब सागर पहुंचा था और वहां से लौटकर कर्नाटक को प्रभावित किया था। 2018 में अरब सागर व बंगाल की खाड़ी में एक साथ दो चक्रवात बने, जिन्हें लुबान व तितली नाम दिया गया था। अरब सागर में बने लुबान ने यमन को जबकि बंगाल की खाड़ी में बने तितली ने ओडिशा को प्रभावित किया था।
मौसम विभाग ने तब भी इसे अति दुर्लभ घटना बताया था, लेकिन यह अगले साल यानी 2019 को फिर घटी, जब एक अति गंभीर चक्रवात केयार बना था। उसी समय महा नाम का चक्रवात भी बन गया, लेकिन साथ ही बुलबुल चक्रवात भी बना। बुलबुल चक्रवात ने पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में तबाही मचाई थी।
गर्म हो रहा अरब सागर
बंगाल की खाड़ी की तुलना में अरब सागर ज्यादा शांत रहता है, इसलिए ज्यादातर चक्रवाती तूफान बंगाल की खाड़ी में आते हैं। हालांकि कुछ सालों से अरब सागर में चक्रवात के आने की दर और उनकी तीव्रता व भयावहता बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी वजह यह है कि बंगाल की खाड़ी की तरह अरब सागर भी अब गर्म हो रहा है, जिसकी वजह से यहां पर ज्यादा तीव्रता के साथ चक्रवात आ रहे हैं। पिछले 40 सालों में हर मानसून से पहले अरब सागर के तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता है। यह वैश्विक गर्मी यानी ग्लोबल वार्मिंग से हो रहा है।