ओडिशा: दहेज प्रताड़ना-घरेलू हिंसा के मामलों में उलझे BJD के दो वरिष्ठ नेताओं के परिवार, बहुओं ने लगाए आरोप
बीजद के दो वरिष्ठ नेता कथित तौर पर घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के मामले में उलझे हुए हैं। दोनों नेताओं और उनके परिवारों पर उनकी बहुओं ने आरोप लगाए हैं।
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ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक राज्य में महिला सशक्तिकरण की वकालत कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, उनकी पार्टी बीजद के दो वरिष्ठ नेता कथित तौर पर घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के मामले में उलझे हुए हैं। इन दोनों में बोलांगीर के पूर्व शाही परिवार से आने वाले एयू सिंह देव और केंद्रपाड़ा के विधायक शशि भूषण बेहरा शामिल हैं। दोनों नेताओं और उनके परिवारों पर उनकी बहुओं ने आरोप लगाए हैं।
सिंह देव की बहू आद्रिजा मंजरी सिंह ने देहरादून पुलिस में अपने पति अरकेश नारायण सिंह देव और ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। अरकेश एक जाने-माने मॉडल हैं। उन्होंने 2019 में बोलांगीर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। आद्रिजा पूर्व प्रधानमंत्री वी पी सिंह की पोती हैं।
सांसद के पिता आर एन सिंह देव आजादी से पहले ओडिशा में पटना रियासत के अंतिम शासक थे और 1967 से 1971 तक राज्य के मुख्यमंत्री थे। आद्रिजा फिलहाल अपने परिवार के साथ देहरादून में रह रही हैं। सूत्रों ने बताया कि शिकायत के जवाब में कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक से मुलाकात की और अब मामले को देहरादून के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंप दिया गया है।
ओडिशा के स्थानीय टेलीविजन समाचार चैनलों में वायरल एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, 'मेरे पति ने अगस्त 2022 में तलाक मांगा था। सितंबर 2022 में, मैंने देहरादून के राजपुर पुलिस स्टेशन में अपने ससुर अनंगा उदय सिंह देव, सास बिजयलक्ष्मी देवी, बहनोई कलिकेश नारायण सिंह देव, उनकी पत्नी मेघना राणा और मेरे पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
आद्रिजा ने कहा, 'वे मुझे घर से हटाना चाहते थे और ओडिशा में मेरा प्रवेश रोक दिया। मैं उस परिवार की बहू हूं और मुझे वहां रहने का अधिकार है। अरकेश ने इन आरोपों से इनकार किया है।' उन्होंने कहा, 'आरोप झूठे हैं। यह मामला फिलहाल देहरादून कोर्ट में विचाराधीन है। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।'
वहीं, शशि भूषण बेहरा की बहू रोनाली (31 वर्षीय) ने भी विधायक और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कटक जिले के बांकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है और उन पर 40 लाख रुपये के दहेज के लिए उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। रोनाली की शादी मार्च 2021 से बेहरा के बेटे सत्यप्रकाश से हुई है। रोनाली ने शिकायत में अपने पति पर एक विवाहित महिला के साथ अवैध संबंध होने का भी आरोप लगाया है। बेहरा ने इस आरोप से इनकार किया है।
विधायक ने कहा, मेरे बेटे और बहू के बीच कुछ व्यक्तिगत समस्या हो सकती है। लेकिन, दहेज प्रताड़ना का आरोप बिल्कुल झूठा है। उन्होंने कहा, 'ओडिशा के लोग मुझे अच्छी तरह से जानते हैं। मैंने अपने जीवन में कभी दहेज को बढ़ावा नहीं दिया। अपने बेटे की शादी की पार्टी में मेहमानों को आमंत्रित करते हुए मैंने सभी से अनुरोध किया था कि वे कोई उपहार न लाएं।'
कटक जिले के बांकी में अपने माता-पिता के घर शिफ्ट हो चुकीं रोनाली ने जोर देकर कहा कि बेहरा हमेशा चुप रहे। रोनाली ने आरोप लगाया कि मेरे पति के साथ-साथ सास-ससुर, ननद और अन्य लोगों ने मेरा मानसिक और शारीरिक शोषण किया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उनकी वित्तीय मांगों को पूरा करने के लिए उसे लगातार परेशान किया जा रहा है।
केंद्रपाड़ा से बीजद सांसद अनुभव मोहंती पर भी कथित घरेलू हिंसा का आरोप है और वह अपनी अभिनेत्री पत्नी वर्षा प्रियदर्शिनी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। बीजद सूत्रों ने बताया कि इसके बाद पार्टी में उन्हें दरकिनार कर दिया गया। वर्षा ने अलग-अलग चुनावों में पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था।
बीजद के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व कानून मंत्री रघुनाथ मोहंती को 2013 में उनकी बहू वर्षा सोनी चौधरी द्वारा दायर घरेलू हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया था और जेल में डाल दिया गया था। बीजद में दरकिनार किए जाने के बाद अब वह फिर पार्टी में शामिल हो गए हैं। 2021 में एक अन्य मामले में भोपाल पुलिस ने बहू साक्षी की शिकायत पर बीजद के छह बार के सांसद भर्तृहरि महताब, उनकी पत्नी महेस्वत और बेटे लोकरंजन के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया था। भर्तुहरि महताब ओडिशा के पहले मुख्यमंत्री हरेकृष्ण महताब के बेटे हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पिछले सप्ताह झारसुगुडा उपचुनाव में दीपाली दास की जीत का जश्न मनाते हुए कहा था कि लड़कियां ओडिशा का 'गौरव' हैं और उनकी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करती है। हालांकि, संपर्क किए जाने पर पार्टी ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।