तुर्किये-सीरिया भूकंप: मृतकों की संख्या 24000 पार, NDRF ने एक और बच्ची को बचाया, PM बोले- भारत तुर्किये के साथ
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, भूकंप प्रभावित तुर्किये में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए ऑपरेशन दोस्त के तहत भारतीय टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। वे ज्यादा से ज्यादा जीवन और संपत्ति बचाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देते रहेंगे।
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तुर्किये और सीरिया में विनाशकारी भूकंप के बाद से शुक्रवार देर रात तक 24 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और व्यापक तबाही के बीच मरने वालों की संख्या में वृद्धि जारी है। न्यूज एजेंसी द एसोसिएटेड प्रेस ने यह जानकारी दी है।
तुर्किये के सरकारी मीडिया अनादोलु के अनुसार, तुर्किये के स्वास्थ्य मंत्री फहार्टिन कोका ने कहा कि इस सप्ताह आए भूकंप में कम से कम 20,213 लोग मारे गए हैं और 80,052 घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि मलबे से बचाए गए नागरिकों को भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के बाहर प्रांतों में स्थानांतरित कर दिया गया है। कोका ने कहा कि जिन लोगों की पहचान नहीं हुई है, उनकी डिजिटल तस्वीरें मिलान के लिए विशेष सॉफ्टवेयर पर अपलोड की जा रही हैं।
इस बीच दुनियाभर के देशों से राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंच रहे हैं। भारत उन देशों में रहा जिसने सबसे पहले अपनी टीमों को रवाना किया। भारत ने मदद के लिए 'ऑपरेशन दोस्त' अभियान चलाया हुआ है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय टीमें जीवन और संपत्ति को बचाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देते रहेंगे।
पीएम मोदी ने ट्वीट में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, भूकंप प्रभावित तुर्किये में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए ऑपरेशन दोस्त के तहत भारतीय टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। वे ज्यादा से ज्यादा जीवन और संपत्ति बचाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देते रहेंगे। इस नाजुक समय में भारत तुर्की के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
24x7 काम कर रही भारतीय सेना के चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची को कुछ तस्वीरों और वीडियो को पोस्ट किया है जिसमें भारतीय टीमें लोगों की मदद करते हुए नजर आ रही हैं। प्रधानमंत्री ने उनके ट्वीट को रिट्वीट किया है। बागची ने अपने पोस्ट में लिखा, भारतीय सेना के चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम 24x7 काम कर रही है और घायलों को राहत मुहैया करा रही है। अधिकारियों ने बताया कि तुर्किये के इस्केंदरुन में भारतीय सेना के फील्ड हॉस्पिटल में अबतक 106 से ज्यादा लोगों का इलाज किया गया है।
ऑपरेशन दोस्त तहत भेजे 841 कार्टन दवाएं और सुरक्षा उपकरण
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 'ऑपरेशन दोस्त' के तहत भारत ने भूकंप प्रभावित तुर्किये और सीरिया को 841 कार्टन दवाइयां और सुरक्षा उपकरण भेजे। सूत्रों ने बताया कि भारत ने तुर्की और सीरिया को 6.1 टन वजन के साथ दवा, सुरक्षा सुरक्षा उपकरण और निदान के 841 कार्टन भेजे हैं।
कड़ाके की ठंड के बीच जारी को बचाने के प्रयास जारी
तुर्किये और सीरिया में सोमवार को आए 7.80 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों में 24,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और बचावकर्मी कड़ाके की ठंड में ध्वस्त इमारतों के मलबे से जीवित बचे लोगों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
भारत की ओर से भेजी गई ये दवाएं और उपकरण
जो दवाएं भेजी गई हैं उनमें पेरासिटामोल 100 एमएल IV, सेफ्ट्रियाक्सोन जीएम आईएनजे, प्रोपोफोल आईएनजे आदि शामिल हैं। जो सुरक्षा और सुरक्षा उपकरण भेजे गए हैं, उनमें गाउन, दस्ताने, जूता कवर और कैप शामिल हैं। अन्य चिकित्सा सहायता में इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफ छह चैनल, सिरिंज पंप और एक फिजियोलॉजिकल मॉनिटर सिस्टम शामिल हैं।
मदद प्रदान करने के लिए भारतीय सेना ने बनाया फील्ड अस्पताल
भारतीय सेना ने तुर्किये के भूकंप प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए 'ऑपरेशन दोस्त' के तहत एक फील्ड अस्पताल की स्थापना की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को ट्वीट किया, 'तुर्की के इस्केंदरुन, हाटे, तुर्की में सेना के फील्ड अस्पताल ने मेडिकल, सर्जिकल और आपातकालीन वार्ड चलाने के साथ काम करना शुरू कर दिया है। टीम प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए 24×7 काम करेगी।
एनडीआरएफ जवानों ने आठ साल की बच्ची को मलबे से बचाया
एनडीआरएफ के जवानों ने भूकंप प्रभावित तुर्किये में ढही हुई इमारत के मलबे से आठ साल की एक बच्ची को बचाया। बल के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि एनडीआरएफ ने तुर्किये सेना के जवानों के साथ गाजियांटेप प्रांत के नूरदगी शहर में अभियान चलाया। बचाव कर्मियों ने अब तक मलबे से दो लोगों की जान बचाई है और 13 शव निकाले हैं। एनडीआरएफ का बचाव अभियान सात फरवरी से तुर्किये के भूकंप प्रभावित इलाकों में जारी है। बता दें, एनडीआरएफ के जवानों ने गुरुवार को इसी इलाके से छह साल की एक बच्ची को रेस्क्यू किया था।