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Tripura Election 2023: त्रिपुरा में भाजपा ने लगाया महिलाओं पर दांव, एक-एक सीट पर होगा कड़ा मुकाबला

Sat, 28 Jan 2023 07:32 PM IST
Harendra Chaudhary एन. अर्जुन, अगरतला
एन. अर्जुन, अगरतला Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 28 Jan 2023 07:32 PM IST
सार

Tripura Election 2023: भाजपा ने छह मौजूदा विधायकों, अरुण चंद्र भौमिक (बेलोनिया), बिप्लब घोष (माताबारी), सुभाष दास (नलचर), मिमी मजूमदार (बदरघाट), बीरेंद्र किशोर देबबर्मा (गोलाघाटी) और परिमल देबबर्मा (अंबासा) को टिकट नहीं दिया है...

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Tripura Election 2023: BJP bets on women in Tripura, tough fight on each seat
Tripura Election 2023: BJP - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

इस बार त्रिपुरा में विधानसभा का चुनावी मुकाबला रोमांचक और कड़ा होने जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, शनिवार को भाजपा ने जब अपनी पहली लिस्ट जारी की, तो इसमें खास तौर से महिलाओं पर दांव खेला है। भाजपा ने 48 में से 11 सीटें महिलाओं को टिकट दिया है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक को भी चुनाव मैदान में उतारा है। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री को लोकसभा से विधानसभा में लेकर आने का सीधा सा मतलब है कि इस बार एक-एक सीट के लिए कड़ा मुकाबला होने जा रहा है। भाजपा ने उन लोगों को ही मैदान में उतारा है, जो सीट निकाल सकें। जानकार मान रहे हैं कि भाजपा ने हर वर्ग को प्रतिनिधत्व देने का प्रयास किया है।

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इस बार भाजपा ने जिन महिला उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है, उनमें मीना रानी सरकार (बदरघाट), अंतरा देब सरकार (कमलासागर), हिमानी देबबर्मा (गोलाघाटी), प्रतिमा भौमिक (धनपुर), कल्याणी रॉय (तेलियामुरा), स्वप्ना मजूमदार (राजनगर), पाताल कन्या जमात्या (अंपी), स्वप्ना दास (सूरमा), सुचित्रा देबबर्मा (अंबासा), मलीना देबनाथ (जुबराज नगर) और सनातन चकमा (पचारथल) शामिल हैं।

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इसके साथ ही भाजपा ने चुनाव में जनजातियों के साथ रबर और चाय बागान में काम करने वाले लोगों का भी खास ध्यान रखा है। नामों की घोषणा करते हुए संबित पात्रा ने नाम लेकर इस ओर इशारा किया कि किस तरह से पार्टी ने उनका ध्यान रखा है। इसके साथ ही भाजपा को इस बार सबसे ज्यादा चुनौती टिपरा मोथा से मिलने वाली है। जनजाति क्षेत्रों की 20 सीटें बहुत महत्वपूर्ण होने वाली हैं। इन पांच सालों में काफी कुछ बदल गया है। टिपरा मोथा के प्रमुख प्रद्योत देबवर्मा पिछले काफी समय से जनजातियों के लिए अलग टिपरा लैंड की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस और माकपा गठबंधन भी भाजपा को टक्कर देने की रणनीति बना रहे हैं। देखना यह है कि भाजपा किस तरह से अपने वोटरों को छिटकने से रोक पाएगी।

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छह विधायकों का टिकट कटा

त्रिपुरा के लिए भाजपा ने जो पहली लिस्ट शनिवार को जारी की, उसके अनुसार मुख्यमंत्री माणिक साहा बोडरेवाली सीट से चुनाव लड़ेंगे। केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक, धनपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी, 2018 में वे इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा नेता माणिक सरकार से हार गईं थीं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य बनमालीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे। वे पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। इसी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सदस्य बिप्लब कुमार देब 2018 के विधानसभा चुनाव जीते थे। शुक्रवार को भाजपा में शामिल हुए माकपा के मौजूदा विधायक मोबोशर अली उत्तरी त्रिपुरा में अपने पुराने निर्वाचन क्षेत्र कैलाशहर से चुनाव लड़ेंगे।

छह का टिकट कटा, नौ को मिला, पंद्रह नए चेहरे

भाजपा ने छह मौजूदा विधायकों, अरुण चंद्र भौमिक (बेलोनिया), बिप्लब घोष (माताबारी), सुभाष दास (नलचर), मिमी मजूमदार (बदरघाट), बीरेंद्र किशोर देबबर्मा (गोलाघाटी) और परिमल देबबर्मा (अंबासा) को टिकट नहीं दिया है। मुख्यमंत्री माणिक साहा और उपमुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा सहित सभी नौ मंत्रियों को उनके विधानसभा क्षेत्रों से पार्टी ने टिकट दिया है। हालांकि, एक मंत्री राम प्रसाद पॉल के नाम की घोणषा नहीं हुई है। शनिवार को जारी उम्मीदवारों की पहली सूची में करीब 15 नए चेहरों को जगह मिली है।

कमलासागर में भाजपा की अंतरा देव के नाम का विरोध

भाजपा के नामों की घोषणा के कुछ देर बाद ही कमलासागर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भारी विद्रोह शुरू हो गया है। पार्टी की स्थानीय इकाई के कार्यकर्ता मंडल अध्यक्ष सुबीर चौधरी के नाम की घोषणा की उम्मीद कर रहे थे। जबकि यहां से भाजपा ने अंतरा देब को टिकट किया है। जानकारी के मुताबिक इसकी जानकारी मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अंतरा देब की पहचान नहीं के बराबर है। जबकि सुबीर चौधरी पिछले आठ वर्षों से अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं। विरोध करने वालों ने धमकी दी है कि अगर सुबीर चौधरी को टिकट नहीं दिया जाता है, तो वे भी सीपीआई (एम) में शामिल हो जाएंगे और सीपीआई (एम) के उम्मीदवार हिरण्मय नारायण देबनाथ की जीत सुनिश्चित करेंगे। इस बारे में अभी तक राज्य भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

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