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तृणमूल नेताओं का दावा: भाजपा ने उपद्रव मचाकर पश्चिम बंगाल में फैलाई हिंसा, 100 सीटें भी जीत जाए तो बड़ी बात

Wed, 03 Mar 2021 07:13 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 03 Mar 2021 07:13 PM IST
सार

भाजपा राज्य विधानसभा चुनाव में 2016 से अधिक सीटें जीतेगी। वह 50 सीटों के आंकड़े को पार कर सकती है। इस बारे में किसी बंगाली को कोई संदेह नहीं है कि 02 मई के बाद राज्य का मुख्य विपक्षी दल भाजपा ही रहने वाली है...

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West bengal election 2021: Trinamool Congress leaders claimed, BJP created violence in West Bengal, could win only less then 100 seats
Bengali film actor Sayantika Banerjee joins TMC - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल में भाजपा चाहे जितना जोर लगा ले, उसके हाथ में सत्ता नहीं आने वाली है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ममता सरकार में मंत्री पार्थो चटर्जी कहते हैं कि भाजपा के लिए कोलकाता अभी दूर है। पार्टी प्रवक्ता और पूर्व सांसद विवेक गुप्ता कहते हैं कि अमित शाह और कैलाश विजयवर्गीय के 200 से अधिक सीटें जीतने के दावे को छोड़ दीजिए। वह दिल्ली में भी कह रहे थे कि पश्चिम बंगाल की 294 में भाजपा 100 सीटें जीत जाए तो बड़ी बात है। गुप्ता का कहना है कि पश्चिम बंगाल में जिस राजनीतिक हिंसा की बात की जा रही है, वह भी भाजपा की ही देन है।

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पार्टी छोड़ने से संगठन कमजोर नहीं होता

विवेक गुप्ता ने आरोप लगाया कि 2017 से भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं ने यहां उपद्रव मचा रखा है। उसके कारण राज्य में कुछ राजनीतिक हिंसा हुई। इसके लिए भाजपा ही जिम्मेदार है। भाजपा के पास लोगों को लड़ाने-भिड़ाने, बंटवारा कराने, नेताओं को तोड़ने-फोड़ने की कोशिश के सिवा क्या है? यह पार्टी पिछले तीन साल से टीएमसी को तोड़ने में लगी है। उसकी इसी कोशिश के कारण हमारे कुछ नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी प्रवक्ता का कहना है कि कुछ लोगों के चले जाने से कोई संगठन कमजोर नहीं हो जाता। इस संगठन की मुख्य नेता ममता बनर्जी हैं और पश्चिम बंगाल में उनकी लोकप्रियता का कोई सानी नहीं है।

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50 सीटों के आंकड़े को पार कर सकती है भाजपा

बैरकपुर के तृणमूल कांग्रेस के एक अन्य नेता ने कहा कि अभी इंतजार कीजिए। भाजपा प्रत्याशियों की सूची आने के बाद भी आपको काफी कुछ देखने को मिलेगा। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के करीबी शांतनु बनर्जी के मुताबिक केवल सामाजिक उथल-पुथल मचाने से कोई पार्टी चुनाव नहीं जीत जाती। शांतनु कहते हैं कि भाजपा राज्य विधानसभा चुनाव में 2016 से अधिक सीटें जीतेगी। वह 50 सीटों के आंकड़े को पार कर सकती है।

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शांतनु का कहना है कि इस बारे में किसी बंगाली को कोई संदेह नहीं है कि 02 मई के बाद राज्य का मुख्य विपक्षी दल भाजपा ही रहने वाली है। बनर्जी कहते हैं कि सात मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पश्चिम बंगाल आ रहे हैं। जनसभा को सफल बनाने के लिए भाजपा एड़ी चोटी का जोर लगा रही है, लेकिन इससे कुछ नहीं होने वाला है।

बंगाल में झूठ तंत्र नहीं चल पाता

विवेक गुप्ता कहते हैं कि पश्चिम बंगाल में झूठ तंत्र नहीं चल पाता। ममता बनर्जी राज्य की जन नेता हैं। राज्य के गांवों से लेकर शहर और राज्य के विकास के लिए वह लगातार सक्रिय रहती हैं। पश्चिम बंगाल की जनता को इसे बताने की कोई जरूरत नहीं है। दूसरे पश्चिम बंगाल में भाजपा के पास ममता बनर्जी के सामानांतर कोई चेहरा नहीं है।



एचएन पाठक पहले भाजपा से जुड़े थे अब वह टीमएसी से जुड़ गए हैं। एचएन पाठक का कहना है कि भाजपा खुद को लोकतांत्रिक पार्टी कहती है, लेकिन वहां लोकतंत्र है ही नहीं। पश्चिम बंगाल भाजपा को दिल्ली से चल रहा तंत्र चला रहा है। वहां भाजपा के पुराने नेताओं और संघ के कार्यकर्ताओं में अंदरखाने बैचेनी बढ़ गई है, लेकिन संघ के कार्यकर्ता कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। पाठक कहते हैं कि भाजपा के भीतर पैदा हुई यह तानाशाही उसे तगड़ा नुकसान पहुंचाएगी।

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