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नई तकनीक: डिजिटल लाइन पर 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार चलेंगी ट्रेनें
Wed, 16 Jun 2021 05:55 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 16 Jun 2021 05:55 AM IST
सार
- घने कोहरे में ना तो रफ्तार थमेगी और ना होगी टक्कर
- एटीपी सिस्टम से होगी ट्रेनों की निगरानी
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ट्रेन
- फोटो : PTI
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विस्तार
अब घने कोहरे में भी ट्रेनों की चाल नहीं थमेगी और ट्रेनों की लेटलतीफी भी खत्म हो जाएगी। दरअसल, भारतीय रेल अब डिजिटल रोड मैप पर ट्रेनों को चलाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे को 700 मेगाहट्ज बैंड में 5जी मेगाहट्स स्पेक्ट्रम की मंजूरी मिल जाने के बाद बेहतर तकनीक का उपयोग कर ट्रेनों को संचालित करने की राह आसान हो गई है।
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रेलवे की योजना के अनुसार 2024 तक दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-कोलकाता रूट पर 200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनों को चलाने की तकनीक विकसित कर ली जाएगी। दोनों रूटों में सुधार का काम भी शुरू कर दिया गया है।
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रेलवे के मुताबिक इस आधुनिक तकनीक के जरिए दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकेगा। साथ ही विदेशों की तर्ज पर भारतीय रेलवे में भी सेंट्रलाइज्ड ट्रेन सिस्टम बनेगा। परियोजना में रेलवे 56,955 करोड़ रुपया खर्च करेगा।
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मानवीय भूल की वजह से नहीं होगी भिडंत
लोको पायलट की सहायता के रूप में स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। यह सिस्टम लोको पायलट की ओर से किसी मानवीय भूल के कारण ट्रेनों के टक्कर को रोकता है। एटीपी के लिए स्वदेशी तकनीक से विकसित किया जाएगा। साथ ही 3447 रूट किमी लाइन पर स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग की जाएगी। 11705 समपार फाटकों पर सिग्नल के साथ इंटरलॉकिंग प्रदान की जाएगी।