Delhi pollution: 25 दिन में 60 लाख सिगरेट पीने जितना धुंआ अंदर खींच चुके हैं ट्रैफिक पुलिस के 6000 जवान
दिल्ली में 8 से 12 घंटे तक ड्यूटी देने वाले ट्रैफिक पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों को वायु प्रदूषण की खराब स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इनके पास न तो मास्क है और न ही चश्मा। दिल्ली के अन्य क्षेत्रों के अलावा संसद सत्र के दौरान जिन पुलिस कर्मियों व केंद्रीय बलों के जवानों की ड्यूटी लगी है, उनमें से अधिकांश जवान, बिना मास्क और चश्मे के ही अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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राष्ट्रीय राजधानी में कई सप्ताह से जहरीली हवा यानी 'वायु प्रदूषण' की मार जारी है। दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर 400-500 (घातक स्थिति) के आसपास रहा है। सोमवार को नोएडा के सेक्टर-116 में 'एक्यूआई' की बेहद गंभीर स्थिति '961' दर्ज की गई है। दीवाली से लेकर अभी तक दिल्ली की हवा में सुधार नहीं हुआ है। लोगों की सांसों पर संकट है। दिल्ली में 8 से 12 घंटे तक ड्यूटी देने वाले ट्रैफिक पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों को वायु प्रदूषण की खराब स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इनके पास न तो मास्क है और न ही चश्मा। दिल्ली के अन्य क्षेत्रों के अलावा संसद सत्र के दौरान जिन पुलिस कर्मियों व केंद्रीय बलों के जवानों की ड्यूटी लगी है, उनमें से अधिकांश जवान, बिना मास्क और चश्मे के ही अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पिछले 25 दिन की बात करें तो दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का एक जवान एक दिन में 40 सिगरेट पीने जितना धुंआ, अपने अंदर खींच रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के 50 सर्कल में तैनात लगभग 6000 जवान, उक्त अवधि में 60 लाख सिगरेट जितना धुंआ अपने अंदर खींच चुके हैं।
दिल्ली पुलिस के जवान, जिनकी ड्यूटी संसद भवन परिसर के निकट लगी है, वे बताते हैं, देखिये एक स्थिति तो वह है कि कोई व्यक्ति इंडिया गेट या किसी खुले पार्क में घूम रहे हैं। उनके लिए प्रदूषण की मार अलग होगी। दूसरी तरह हम लोग हैं, जो 12 घंटे तक उस ट्रैफिक के बीच रह कर ड्यूटी देते हैं, जहां हर पल धुंआ निकलता रहता है। अगर दो चार जवानों को मास्क या चश्मा मिल गया तो अलग बात है। बाकी जवानों को तो खतरनाक प्रदूषण की मार झेलनी पड़ती है। जब रात के समय ट्रैफिक का का पीकऑवर होता है तो सड़क पर लाखों वाहनों की आवाजाही रहती है। बड़े चौराहों पर तो जाम भी लगता है। कई मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रहती है। इसके चलते वायु प्रदूषण, खतरनाक स्थिति में पहुंच जाता है। उस हालत में भी दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवानों को बिना मास्क और चश्मे के ही काम करना पड़ता है।

प्रदूषण से बचाव के लिए, बाहर निकलने से पहले एन-95 या प्रदूषण को रोकने में सक्षम मास्क पहनें। आंखों पर चश्मा लगाएं। यदि नजर के चश्मे न पहनते हों तो आंखों में प्रदूषण के कारण होने वाली जलन को कम करने के लिए साधारण चश्मा पहनें। दिन में बीच-बीच में आंखों को पानी से धोते रहें। वायु प्रदूषण के तत्व नाक, गले और फेफड़े में जाकर फंसते हैं। वे इन्हीं हिस्सों को सबसे ज्यादा असर करते हैं। ऐसे में इन अंगों की सफाई करें। दिन में गर्म पानी के गरारे करते रहें। यदि शाम के समय गर्म पानी से स्नान कर सकें, तो यह पूरे शरीर के लिए बेहतर होगा।
- जब प्रदूषण ज्यादा है तो घरों के खिड़की दरवाजे बंद रखें, लेकिन पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था रहे। प्रदूषण के कण घर में जमा नही हों।
- वायु प्रदूषण सीधे तौर पर आम आदमी की त्वचा को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में कोशिश करें कि आप फुज बाजू वाले कपड़े पहनें। बाहर से आने के बाद स्नान हो सके तो अवश्य करें।
- घर से बाहर निकलते हुए चेहरे को अच्छी गुणवत्ता के मास्क से ढकें। नियमित समय अंतराल पर मास्क बदलते रहें।
- अगर आप बाहर जाकर सैर करते हैं या जॉगिंग करते हैं तो कुछ दिनों के लिए इससे बचें। कोशिश करें कि आप घर पर ही योग, व्यायाम करें।
- घर में ऐसे पौधे लगाएं जो प्रदूषण कम करने में मददगार हों। घरों में एलोवेरा, लिली, स्नेक प्लांट (नाग पौधा), पाइन प्लांट (देवदार का पौधा) मनी प्लांट, अरीका पाम और इंग्लिश आइवी लगा सकते हैं। यह पौधे घर की हवा को साफ करने में मददगार साबित होते हैं।
- अगर आप किसी जरुरी काम से घर से बाहर जा रहे हैं तो आप चश्मा पहन सकते हैं और वो भी सनग्लासेस। ऐसा इसलिए ताकि प्रदूषण से आपकी आंखों में जलन न हो सके और आपको दिक्कत न हो। आप प्रदूषण से बचने के लिए चश्मा भी पहन सकते हैं।
- वायु प्रदूषण के दौरान बच्चों को घर से बाहर भेजने से बचें। बच्चों को घर के बाहर खेलने के लिए न भेजें। उन्हें पार्क में न ले जाएं और जितना हो सके घर पर ही रहें।
- हरी सब्जियां जैसे धनिए के पत्ते, चौलाई का साग, ड्रमस्टिक, पार्सले, गोभी और शलजम का साग विटामिन सी का अच्छे स्रोत हैं। आप इन्हें अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं।
- आंवला और अमरूद जैसे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं। अपनी डेली डाइट में विटामिन सी शामिल करने का सबसे आसान तरीका है दिन में दो नींबूओं का रस पी लिया जा सकता है।
- अदरक, काली मिर्च, तुलसी, मुलेठी, जायफल, पुदीना और ग्लैंगल सांस संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए फायदेमंद हैं।
- नट्स और बीज जैसे अखरोट, चिया के बीज, अलसी के बीज को दही में डालकर अपनी डाइट में शामिल करें। स्मूदी में डालें या फिर ऐसे ही खा लें।
- मेथी के बीज, सरसों के बीज, हरे पत्तेदार सब्जियां, काले चने, राजमा और बाजरा आदि ऐसे फूड हैं जिसमें ओमेगा थ्री होता है।