Telangana: 60 सरपंचों की आत्महत्या के लिए कांग्रेस ने KCR सरकार को ठहराया जिम्मेदार, लगाए यह गंभीर आरोप
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) ने सरपंचों का 'दर्द' उजागर करने के लिए एक विरोध बैठक का आयोजन किया था। इसमें बोलते हुए रेड्डी ने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने राज्य में पंचायतों से संबंधित 35,000 करोड़ रुपये के फंड को डायवर्ट करने का आरोप भी लगाया।
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तेलंगाना की सियासी लड़ाई में भाजपा के बाद अब कांग्रेस भी उतर आई है। दरअसल, सोमवार को तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी ने राज्य की केसीआर सरकार पर संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने राज्य में 60 सरपंचों की आत्महत्या के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। ए रेवंत रेड्डी ने सोमवार सरकार के खिलाफ हो रही एक विरोध बैठक में आरोप लगाते हुए ये दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्राम पंचायतों के लिए बकाया राशि जारी नहीं की इसके चलते राज्य के 60 सरपंचों ने फंड की कमी के कारण आत्महत्या कर ली।
दरअसल, सोमवार को तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) ने सरपंचों का 'दर्द' उजागर करने के लिए एक विरोध बैठक का आयोजन किया था। इसी बैठक में बोलते हुए रेड्डी ने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने राज्य में पंचायतों से संबंधित 35,000 करोड़ रुपये के फंड को डायवर्ट करने का आरोप भी लगाया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रेड्डी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरपंच को गांव के पहले नागरिक के रूप में सम्मान दिया जाता है, लेकिन तेलंगाना में राज्य सरकार द्वारा धन जारी नहीं करने के कारण दवाब में आकर कम से कम 60 सरपंचों ने आत्महत्या की है।
उन्होंने यह दावा भी किया कि 15वें वित्त आयोग द्वारा आवंटित धन जो सरपंचों के खातों में जमा किया गया था, उसे राज्य सरकार द्वारा डायवर्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ जनप्रतिनिधियों ने ब्याज पर उधार लेकर अपने-अपने गांवों के विकास के लिए अपना पैसा खर्च किया है। ऐसे में जबकि उन्हें दो या तीन साल बाद भी आवंटित धन नहीं मिल रहा तो उनमें से कुछ ने आत्महत्या करने का कदम तक उठाया है। वहीं कुछ ने अपनी पत्नियों के मंगलसूत्र तक गिरवी रख दिए।