'पकौड़ा' वार पर अमित शाह का पलटवार, सवा घंटे के भाषण में विपक्ष पर किये ये 7 कटाक्ष
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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को पहली बार राज्यसभा में भाषण दिया। इस दौरान उनके निशाने पर कांग्रेस रही। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने विपक्ष के हर वार पर पलटवार किया। करीब सवा घटें के भाषण में कई बार सदन मेजों की थापों से गूंज उठा तो कुछ मौके ऐसे भी आए जहां सदन में ठहाके सुनाई दिए।
'पकौड़ा' वार का पलटवार
1. पिछले दिनों एक टीवी इंटरव्यू के दौरान प्रधानमंत्री ने पकौड़े बेचने वालों का जिक्र किया था। इस मामले को लेकर विपक्ष ने जमकर चुटकी ली थी। अमित शाह ने राज्यसभा में इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा बेरोजगारी से तो अच्छा है कि कोई युवा पकौड़े बनाकर अपनी आजीविका कमाए। पकौड़ा बनाना शर्म की बात नहीं है लेकिन उसकी तुलना भिखारियों से करना, ये शर्म की बात है।
मैं मानता हूं कि देश में बेरोज़गारी की समस्या है... हमको तो अभी केवल 8 साल का शासन
— BJP
मिला लेकिन 55 साल के आपके राज में ये समस्या हल क्यों नहीं हुई: श्री @AmitShah
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(@BJP4India) February 5, 2018
2. सदन उस वक्त ठहाकों से गूंज उठा जब अमित शाह ने सब्सिडी, बैंकों में डायरेक्ट ट्रांसफर कर दिए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब लोगों के बैंक खातों में डायरेक्ट सब्सिडी दी जा रही है। इस मौके पर उन्होंने विपक्ष की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आज हम यहां हैं, कल आप भी यहां हो सकते हैं। शाह के इस बयान पर पक्ष के साथ-साथ विपक्ष भी मुस्कुराने लगा।
3. राज्यसभा में अमित शाह ने कहा कि आज चाय वाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री बन कर बैठा है। मैं मानता हूं कि मेहनत से अपने जीवन का ज्ञापन करने वाला हर व्यक्ति उतना ही बड़ा है जितने हम सदन में बैठे लोग हैं।
4. न्यूनतम वेतन पर चर्चा करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अमित शाह ने कहा कि वाम दलों के समर्थन वाली कांग्रेस सरकार ने भी इतना न्यूनतम वेतन नहीं बढ़ाया था जितना मोदी सरकार ने बढ़ाया है।
5. अपने भाषण के दौरान अमित शाह कई बार विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए दिखाई दिए उन्होंने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमने हर फसल के लिए उसकी लागत से डेढ़ गुना ज्यादा मूल्य देने का फैसला लिया । ये सरकार ऐसी है जो लोगों के लिए अच्छे हों ऐसे फैसले लेती है, ऐसे फैसले नहीं जो लोगों को अच्छे लगें।
6. उनके भाषण के दौरान गब्बर सिंह का भी जिक्र आया। इस बार फिर उनका निशाना विपक्ष की तरफ था। उन्होंने कहा कि GST को गब्बर सिंह टैक्स बताया गया। गब्बर सिंह एक डकैत था...कानून से बना हुआ टैक्स डैकत है क्या? और इस से मिला पैसा वन रैंक, वन पेंशन जैसी योजनाओं में जाता है, किसी गरीब के घर में चूल्हा जलाने के लिए जाता है।
7. अमित शाह ने उस वक्त विपक्ष को चुप करा दिया जब वह महिला सुरक्षा पर बात कर रहे थे। अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा के लिए तीन तलाक बिल ले कर आए। इस पर विपक्ष ने शाह को टोकते हुए पूछा कि महिला आरक्षण बिल कहां है, जब आप चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो जनता आपसे भी इस बारे में सवाल पूछेगी। इस पर शाह ने जवाब दिया कि आपने ही इस बिल को रोका हुआ है।