कर्नाटक कांग्रेस में उठने लगे असंतोष के स्वर, पार्टी नेताओं से मुलाकात करेंगे वेणुगोपाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव केसी वेणुगोपाल बुधवार को कांग्रेस में पार्टी नेताओं से मिलेंगे। वह पार्टी नेताओं और विधायकों के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे। राज्य में कांग्रेस-जदएस सरकार बचाए रखने के लिए कैबिनेट विस्तार या बदलाव की खबरों के बीच वेणुगोपाल ने यह निर्णय लिया है। मंदलवार देर रात वह राज्य में पहुंच गए थे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, कांग्रेस विधायक दल के नेता और समन्वय समिति के प्रमुख सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री पी परमेश्वर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव से मिलेंगे। इसके बाद कांग्रेस महासचिव गठबंधन सरकार में कांग्रेस के मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद वह शाम को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी हिस्सा लेंगे।
बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस के अंदर असंतोष के स्वर उठने लगे हैं। रविवार को पार्टी के दो विधायक बंगलुरु में कांग्रेस से पूर्व मुख्यमंत्री रहे और अब भाजपा में शामिल एमएस कृष्णा से उनके आवास पर मिले थे। सत्ता परिवर्तन के बादल कर्नाटक में लगातार गहरे हो रहे हैं। दरअसल, राज्य में गठबंधन सरकार गठन के बाद से ही गिरने की स्थिति में है।
कई मायनों में अहम है वेणुगोपाल की यात्रा
वेणुगोपाल की यह यात्रा कई मायनों में अहम है। गठबंधन के नेता सरकार को बचाने के लिए कुमारस्वामी कैबिनेट का विस्तार करने या कैबिनेट में बदलाव करने की योजना बना रहे हैं। सिद्धारमैया ने मंगलवार को कहा था कि कैबिनेट में तीन पद रिक्त हैं, जिन्हें भरने के लिए यह विस्तार किया जाएगा। वहीं ऐसी खबरें भी आई हैं कि असंतुष्ट चल रहे विधायकों को मंत्री बनाने के लिए कुछ मंत्रियों से इस्तीफा भी मांगा जा सकता है।
कर्नाटक में कैबिनेट के 34 पदों में 22 कांग्रेस के पास हैं जबति 13 जदएस के हिस्से में हैं। फिलहाल, जदएस के हिस्से के दो और कांग्रेस के खाते का एक पद खाली है। कर्नाटक की 224 सदस्य वाली विधानसभा में भाजपा 105 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 117 सदस्य हैं जिनमें कांग्रेस के 78 और जदएस के 37 विधायक हैं। इनके अलावा एक विधायक निर्दलीय है और एक बसपा का है।