Updates: प्रशिक्षक ने डंडे से की छात्रों की पिटाई, वीडियो वायरल; अरुणाचल से लापता नाबालिग मणिपुर में मिली
जोशी बेडेकर कॉलेज के प्रिंसिपल का कहना है कि वीडियो में छात्रों को पीटते हुए दिख रहा व्यक्ति शिक्षक नहीं है। हम इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिन छात्रों को इसका सामना करना पड़ा है, उन्हें डरना नहीं चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृहनगर ठाणे में विद्या प्रसारक मंडल के जोशी बेडेकर कॉलेज में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का प्रशिक्षण ले रहे छात्रों से क्रूरता का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो में कथित रूप से सजा के तौर पर छात्र बारिश के पानी में जमीन पर पशुओं की तरह लेटे हुए हैं। इस दौरान छात्र रोते-चिल्लाते रहे, लेकिन प्रशिक्षक उन पर बर्बरता से डंडे बरसाता रहा।
घटना 26 जुलाई की बताई गई है। पुस्तकालय में पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने बाहर से चिल्लाने की आवाज सुनी तो वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। ठाणे नगर पुलिस ने कहा है कि अब तक किसी छात्र ने मामला दर्ज नहीं कराया है। वहीं, कॉलेज की प्रधानाचार्य सुचित्रा नाइक ने कहा कि प्रशिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जोशी बेडेकर कॉलेज के प्रिंसिपल का कहना है कि वीडियो में छात्रों को पीटते हुए दिख रहा व्यक्ति शिक्षक नहीं है। हम इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिन छात्रों को इसका सामना करना पड़ा है, उन्हें डरना नहीं चाहिए।
विश्वविद्यालय के एक सीनेट सदस्य ने कहा कि इस यूनिट के एनसीसी प्रशिक्षक का हाल ही में तबादला हुआ था। शिक्षकों की अनुपस्थिति में वरिष्ठ कैडेट के कार्यभार संभालने के कारण यह घटना हुई। ठाणे का जोशी बेडेकर कॉलेज दो अन्य सहयोगी संस्थानों-बंदोडकर कॉलेज और वीपीएम पॉलिटेक्निक के साथ मिलकर एनसीसी इकाई का संचालन करता है। बंदोडकर कॉलेज के आरोपी छात्र को निलंबित कर दिया गया है।
गुजरात हाईकोर्ट के जज ने सुनवाई से खुद को अलग किया
गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस समीर दवे ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने 2002 के दंगों के मामलों में कथित रूप से फर्जी सबूत गढ़ने के लिए अहमदाबाद अपराध शाखा की ओर से उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की है। मामला जब सुनवाई के लिए आया तो जस्टिस दवे ने कहा, मेरे सामने नहीं। अब हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इस मामले को नए जज को आवंटित करेंगे।