Updates: घर पर मृत मिले बेलगावी छावनी बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी; आत्महत्या की आशंका; पढ़ें अहम खबरें
कर्नाटक में बेलगावी छावनी बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शनिवार सुबह यहां अपने आधिकारिक आवास पर मृत पाए गए। घटना केंद्रीय जांच ब्यूरो की ओर से 2021 में कर्मचारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड में छापेमारी के कुछ दिनों बाद हुई है। तमिलनाडु के रहने वाले के आनंद (40 वर्षीय) पिछले डेढ़ साल से बेलगावी में तैनात थे। वह यहां अकेले रहते थे। पुलिस ने बताया कि उनके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं और संदेह है कि यह आत्महत्या का मामला है। हालांकि, अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
दूसरी ओर महाराष्ट्र के ठाणे में घोड़बंदर रोड इलाके के पास शनिवार को एक बंगले में आग लगने की वजह से उसमें मौजूद 60 वर्षीय व्यक्ति और उनकी पत्नी की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं, परिवार के तीन अन्य सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शनिवार की सुबह 3:20 मिनट में आग लगी।
ठाणे नगर निगम क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख यासीन तड़वी ने कहा, वाघविल में एक दो मंजिले बंगले के पहले मंजिल में आग लगी। घर के सभी सदस्य उस समय सो रहे थे। घटना की जानकारी पाकर स्थानीय दमकल की गाड़ियां आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंची। आरडीएमसी भी घटनास्थल पर पहुंचे। वे खिड़की के शीशे तोड़ते हुए बंगले के भीतर घुसे।
बेडरूम में दंपति बेहोश पाए गए। बंगले में मौजूद सभी लोगों को बाहर निकाला गया और सुबह के 4:30 बजे के करीब आग पर काबू पाया गया। परिवार के सभी सदस्यों को अस्पताल ले जाया गया, जहां अभिमन्यु माड़वी और रमाबाई की मौत हो गई। आग लगने से बंगले का पहला मंजिल नष्ट हो चुका है। अनुमान लगाया जा रहा है कि कमरे में तेल के दीपक से आग लगी और यह आग परदे के जरिए पूरे बंगले में फैल गई। दंपति के शव को पोस्ट मॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं परिवार के अन्य तीन सदस्यों का इलाज जारी है और वह फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
सुरंग में फंसे तीन मजदूरों के परिजन आज उत्तरकाशी पहुंचेंगे
उत्तरकाशी के एक सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का काम अभी भी जारी है। इसी बीच सुरंग में फंसे चार ओड़िया मजदूरों के परिवार उत्तराखंड पहुंचेंगे। इससे पहले दो अन्य ओड़िया मजदूरों के परिवार उत्तराखंड के उत्तरकाशी में मौजूद हैं।
श्रम आयुक्त एन थिरुमाला नाइक ने कहा, 'दो मजदूरों के परिवारवाले पहले ही उत्तरकाशी में मौजूद है। वहीं अन्य तीन मजदूरों के परिवारवाले शनिवार की सुबह वहां जाएंगे।' राज्य सरकार मजदूरों के परिजनों की यात्रा, रहने खाने का प्रबंध कर रही है।
ये सभी रेस्क्यू ऑपरेशन होने तक यही रहेंगे। ओडिशा के पांचों श्रमिक फिलहाल सुरंग में ठीक है। पहले से मौजूद परिजनों को सुरंग में फंसे श्रमिकों से वॉकी टॉकी पर बात कराया गया। बता दें सुरंग में फिलहाल 41 मजदूर फंसे हुए हैं। हालांकि, उन्हें सुरंग से बाहर निकालने के लिए 12 नवंबर को रेस्क्यू अभियान चलाया गया था, जो कि अभी तक जारी है।
तमिलनाडु: आपदा बचाव दल ने कुन्नूर में भूस्खलन में फंसे 10 लोगों को बचाया
तमिलनाडु आपदा बचाव दल ने शुक्रवार को उन 10 लोगों को बचाया, जो कुन्नूर से 20 किमी दूर एक वन क्षेत्र में स्थित सेंगल कोम्बई आदिवासी बस्ती में भूस्खलन के कारण गुरुवार शाम से फंसे हुए थे।
कुन्नूर के तहसीलदार गनी सुंदरम ने कहा, नीलगिरी जिले में वन क्षेत्र से 20 किलोमीटर अंदर कुन्नूर उली कल नगरपालिका की आदिवासी समुदाय की बस्ती सेंगल कॉम्बाई में कल भारी बारिश के कारण 50 मीटर चौड़ा और 20 मीटर गहरा भूस्खलन हुआ। नतीजतन, आदिवासी भूस्खलन क्षेत्र में फंस गए और बाहर निकलने में असमर्थ थे। आपदा बचाव दल, राजस्व विभाग और वन विभाग ने इलाके में बांस की छड़ों से रास्ता बनाया और उन्हें सुरक्षित बचा लिया।