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नेत्रहीन मां को 'श्रवण कुमार' ने कराई चार धाम यात्रा

Mon, 23 May 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वृंदावन
ब्यूरो/अमर उजाला, वृंदावन Updated Mon, 23 May 2016 12:32 AM IST
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Today's Shravan kumar kailash giri maharaj seen his mother Chardham yatra.
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वृंदावन
जबलपुर से 20 वर्ष पूर्व अपनी नेत्रहीन वृद्ध मां को कंधों पर डोली में उठाकर चारधाम यात्रा के साथ कई तीर्थों का भ्रमण कराने निकले श्रवण कुमार की यात्रा का समापन ब्रज की पवित्र भूमि में होने जा रहा है।
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रविवार शाम उन्होंने अपनी मां कीर्ति देवी को ठाकुर बांकेबिहारी में भ्रमण कराया। तीर्थों का भ्रमण कर उनकी मां के चेहरे पर संतोष और आनंद का भाव साफ झलक रहा था।
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रविवार को वृंदावन पहुंचे कैलाश गिरि महाराज ने बताया कि दो फरवरी 1996 को मध्य प्रदेश के जबलपुर से अपनी नेत्रहीन वृद्ध मां कीर्ति देवी को लेकर चारधाम यात्रा के साथ भारत के पवित्र तीर्थों का भ्रमण कराने के उद्देश्य से निकले। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मां की सेवा में लगा दिया।
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20 वर्ष पूर्व जबलपुर से कंधों पर डोली में लेकर निकले थे

Today's Shravan kumar kailash giri maharaj seen his mother Chardham yatra.
अपने इस उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए ब्रह्मचर्य व्रत का भी पालन किया और गृहस्थ सुख से दूर रहे। उन्होंने अपनी मां को बद्रीनाथ, द्वारिका, जगन्नाथपुरी, रामेश्वरम् आदि चार धाम के साथ ही गंगासागर, तिरुपति बालाजी आदि पवित्र तीर्थों की यात्रा कराई। उनकी इस यात्रा का समापन ब्रज की पवित्र भूमि में होगा।

रविवार देर शाम उन्होंने अपनी मां के साथ ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन किए। यहां मौजूद श्रद्धालुओं ने उनके लिए रास्ता खाली कर दिया। मंदिर के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने श्रवण कैलाश गिरी के लिए मंदिर की वीआईपी गैलरी खोल दी।

यहां कैलाश अपनी मां के साथ डोली लेकर गए और ठाकुरजी के दर्शन किए। कैलाश गिरी ने पत्रकारों को बताया कि वे सोमवार सुबह नंदगांव के लिए निकलेंगे। नंदगांव के बाद बरसाना, गोवर्धन होते हुए जबलपुर जाएंगे। इसके बाद वे अपनी यात्रा को संपूर्ण कर पूरे 20 वर्ष बाद जबलपुर पहुंचेंगे। वृंदावन पहुंचने पर प्रशांत कुमार और गोपाल ने उनके और उनकी मां के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और अभिनंदन किया।
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