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News Updates: जिंदा कारतूस रखने के आरोप में टीएमसी पार्षद गिरफ्तार, पुलिस का दावा- नहीं दिखा पाए वैध दस्तावेज
Wed, 06 May 2026 03:55 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 06 May 2026 03:55 PM IST
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न्यूज अपडेट
- फोटो : Amar Ujala
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक पार्षद को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बिना वैध दस्तावेज के कथित तौर पर जिंदा कारतूस रखने के पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
आरोपी का नाम आमिरुल सेख इस्लाम है, जो बुदबुद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पुजाली नगरपालिका के वार्ड 14 के पार्षद हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें मंगलवार रात हिरासत में लिया गया, क्योंकि वह पिछले साल सितंबर में हवाई अड्डे पर उनके बैग से मिले हथियार के लिए वैध लाइसेंस तय समय में पेश नहीं कर पाए।
सीआईएसएफ के उप निरीक्षक गोपाल शाह की शिकायत के अनुसार, यह घटना 21 सितंबर 2025 की है, जब आरोपी इंडिगो की उड़ान पकड़ने के लिए हवाई अड्डे पहुंचे थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सामान्य बैगेज जांच के दौरान यात्री के सामान में एक खाली मैगजीन और 7.65 मिमी के छह जिंदा कारतूस पाए गए। आरोपी ने शुरू में दावा किया था कि उनके पास वैध लाइसेंस है और दस्तावेज दिखाने के लिए समय मांगा था।
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अधिकारी ने कहा कि उन्हें एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के कारण सात दिन का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने तय समय में कोई भी वैध दस्तावेज जमा नहीं किए। इसके बाद एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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आरोपी का नाम आमिरुल सेख इस्लाम है, जो बुदबुद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पुजाली नगरपालिका के वार्ड 14 के पार्षद हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें मंगलवार रात हिरासत में लिया गया, क्योंकि वह पिछले साल सितंबर में हवाई अड्डे पर उनके बैग से मिले हथियार के लिए वैध लाइसेंस तय समय में पेश नहीं कर पाए।
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सीआईएसएफ के उप निरीक्षक गोपाल शाह की शिकायत के अनुसार, यह घटना 21 सितंबर 2025 की है, जब आरोपी इंडिगो की उड़ान पकड़ने के लिए हवाई अड्डे पहुंचे थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सामान्य बैगेज जांच के दौरान यात्री के सामान में एक खाली मैगजीन और 7.65 मिमी के छह जिंदा कारतूस पाए गए। आरोपी ने शुरू में दावा किया था कि उनके पास वैध लाइसेंस है और दस्तावेज दिखाने के लिए समय मांगा था।
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अधिकारी ने कहा कि उन्हें एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के कारण सात दिन का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने तय समय में कोई भी वैध दस्तावेज जमा नहीं किए। इसके बाद एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
भारत में होगी माइका मिसाइलों की मरम्मत, बढ़ेगी मारक क्षमता
भारतीय वायुसेना की सामरिक शक्ति और आत्मनिर्भरता को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। यूरोपीय मिसाइल निर्माता कंपनी एमबीडीए ने बुधवार को भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के साथ महत्वपूर्ण समझौता किया। इसके तहत अब वायुसेना की घातक माइका मिसाइलों के मरम्मत और मिड-लाइफ ओवरहाल की सुविधा भारत में ही विकसित की जाएगी।
वर्तमान में उन्नत मिसाइलों के रखरखाव के लिए विदेशी तकनीकी पर निर्भर रहना पड़ता है। इस समझौते के बाद एमआरओ सुविधा को भारतीय वायुसेना की ओर से ही संचालित किया जाएगा। एमबीडीए इसके लिए आवश्यक औद्योगिक मशीनरी, उपकरण, डाटा पैकेज और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इससे मिसाइलों की मरम्मत में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी। एमबीडीए ने कहा, इन सुविधाओं को स्थानीय स्तर पर विकसित करने से दीर्घकालिक क्षमता निर्माण होगा और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता सुरक्षित होगी।
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के मूल सिद्धांतों को दर्शाता है। कंपनी ने कहा कि वह 50 वर्षों से भारतीय वायुसेना की विश्वसनीय साझेदार रही और मेक इन इंडिया के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि माइका मिसाइलें भारतीय राफेल और मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमानों का मुख्य हथियार हैं। स्थानीय स्तर पर मरम्मत की सुविधा मिलने से भारतीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र और अधिक सशक्त होगा।
भारतीय वायुसेना की सामरिक शक्ति और आत्मनिर्भरता को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। यूरोपीय मिसाइल निर्माता कंपनी एमबीडीए ने बुधवार को भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के साथ महत्वपूर्ण समझौता किया। इसके तहत अब वायुसेना की घातक माइका मिसाइलों के मरम्मत और मिड-लाइफ ओवरहाल की सुविधा भारत में ही विकसित की जाएगी।
वर्तमान में उन्नत मिसाइलों के रखरखाव के लिए विदेशी तकनीकी पर निर्भर रहना पड़ता है। इस समझौते के बाद एमआरओ सुविधा को भारतीय वायुसेना की ओर से ही संचालित किया जाएगा। एमबीडीए इसके लिए आवश्यक औद्योगिक मशीनरी, उपकरण, डाटा पैकेज और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इससे मिसाइलों की मरम्मत में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी। एमबीडीए ने कहा, इन सुविधाओं को स्थानीय स्तर पर विकसित करने से दीर्घकालिक क्षमता निर्माण होगा और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता सुरक्षित होगी।
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के मूल सिद्धांतों को दर्शाता है। कंपनी ने कहा कि वह 50 वर्षों से भारतीय वायुसेना की विश्वसनीय साझेदार रही और मेक इन इंडिया के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि माइका मिसाइलें भारतीय राफेल और मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमानों का मुख्य हथियार हैं। स्थानीय स्तर पर मरम्मत की सुविधा मिलने से भारतीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र और अधिक सशक्त होगा।
भारत ने दिखाया, विकास और वन्यजीव संरक्षण साथ-साथ संभव: भूपेंद्र यादव
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भारत ने दुनिया के सामने एक मजबूत उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि देश ने बिग कैट (शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता) के संरक्षण में यह साबित किया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।
भूपेंद्र यादव बुधवार को नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन 2026 के लोगो और वेबसाइट के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह शिखर सम्मेलन अगले वर्ष जून में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में बिग कैट के संरक्षण की यात्रा प्रतिबद्धता, वैज्ञानिक प्रबंधन, नवाचार, संस्थागत सहयोग और जनभागीदारी पर आधारित रही है। उन्होंने प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि देश में शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों से न केवल पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हुआ है, बल्कि लोगों की आजीविका, पर्यावरणीय संतुलन और जलवायु चुनौतियों से निपटने की क्षमता में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, सरकारों के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और साझेदार संगठन शामिल होंगे। सम्मेलन में बिग कैट और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के भविष्य पर चर्चा की जाएगी।
भारत-जापान ने उभरती तकनीक व स्वास्थ्य शोध में बढ़ाया सहयोग
भारत और जापान ने बुधवार को उभरती तकनीकों और स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में अपने सहयोग को और मजबूत किया। उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के बीच क्वांटम विज्ञान और मेडिकल डिवाइस से जुड़े अहम समझौतों का आदान-प्रदान हुआ।
जापान की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति मंत्री व अंतरिक्ष नीति राज्यमंत्री ओनोडा किमी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मिला। क्वांटम विज्ञान, एआई, स्वास्थ्य शोध व एडवांस कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भारत ने दुनिया के सामने एक मजबूत उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि देश ने बिग कैट (शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता) के संरक्षण में यह साबित किया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।
भूपेंद्र यादव बुधवार को नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन 2026 के लोगो और वेबसाइट के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह शिखर सम्मेलन अगले वर्ष जून में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में बिग कैट के संरक्षण की यात्रा प्रतिबद्धता, वैज्ञानिक प्रबंधन, नवाचार, संस्थागत सहयोग और जनभागीदारी पर आधारित रही है। उन्होंने प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि देश में शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन प्रयासों से न केवल पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हुआ है, बल्कि लोगों की आजीविका, पर्यावरणीय संतुलन और जलवायु चुनौतियों से निपटने की क्षमता में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, सरकारों के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और साझेदार संगठन शामिल होंगे। सम्मेलन में बिग कैट और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के भविष्य पर चर्चा की जाएगी।
भारत-जापान ने उभरती तकनीक व स्वास्थ्य शोध में बढ़ाया सहयोग
भारत और जापान ने बुधवार को उभरती तकनीकों और स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में अपने सहयोग को और मजबूत किया। उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के बीच क्वांटम विज्ञान और मेडिकल डिवाइस से जुड़े अहम समझौतों का आदान-प्रदान हुआ।
जापान की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति मंत्री व अंतरिक्ष नीति राज्यमंत्री ओनोडा किमी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मिला। क्वांटम विज्ञान, एआई, स्वास्थ्य शोध व एडवांस कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।