News Updates: हिंसा के बीच मणिपुर में सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा एक्शन, प्रतिबंधित संगठनों के छह सदस्य गिरफ्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच असम के होजाई जिले पहुंचे। उनका काफिला होजाई स्थित गीता आश्रम पहुंचा, जहां आरएसएस प्रमुख अगले चार दिनों तक रुकेंगे। पुलिस प्रशासन ने भागवत के दौरे को देखते हुए आश्रम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किए गए हैं। आरएसएस प्रमुख के आगमन पर क्षेत्र में काफी हलचल देखी गई और वरिष्ठ आरएसएस नेता तथा स्थानीय कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, भागवत राज्य में आयोजित ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग (द्वितीय वर्ष)’ प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेंगे। यह शिविर संगठन के कैडर विकास और नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम गुवाहाटी में निर्धारित स्थान पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से स्वयंसेवक शामिल होंगे। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में आरएसएस के वरिष्ठ नेता और प्रचारक भी सत्रों में भाग लेंगे। अपने प्रवास के दौरान वे असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के वरिष्ठ संघ पदाधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। यह दौरा 15 मई को प्रशिक्षण कार्यक्रम समाप्त होने के बाद संपन्न होगा।
सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की आजीवन सुरक्षा के लिए PM को पत्र
अधिवक्ता और बार नेता आदिश सी अग्रवाल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। उन्होंने उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के लिए आजीवन सुरक्षा की मांग की है। अग्रवाल ने जिला न्यायपालिका के सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों के लिए भी न्यूनतम 10 वर्ष की सुरक्षा मांगी। वह अखिल भारतीय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि न्यायाधीश संवेदनशील न्यायिक और संवैधानिक कार्य करते हैं। उनके फैसलों से मुकदमेबाजी करने वाले पक्षों, आपराधिक तत्वों या प्रभावशाली लोग नाराज हो सकते हैं। उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अग्रवाल ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी कई न्यायाधीशों को धमकियों, शत्रुता और खतरे का सामना करना पड़ता है। इसलिए उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता है।
पश्चिम बंगाल की एक अदालत ने एक संगठन- बांग्ला पोक्खो के संस्थापक गार्गा चटर्जी को 16 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा। यह मामला राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान गलत सूचना फैलाने के साइबर अपराध मामले से जुड़ा है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। चटर्जी को मंगलवार को कोलकाता पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने चुनाव संबंधी पोस्टों को लेकर जारी दो समन की अनदेखी की थी। पुलिस ने बताया कि चुनाव अधिकारियों की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई हुई। चटर्जी पर आदर्श आचार संहिता और साइबर कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप है। पुलिस आयुक्त अजय नंद ने बताया कि चटर्जी ने समुदायों को निशाना बनाते हुए विभाजनकारी पोस्ट भी किए। पुलिस ने ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाली उनकी पोस्टों का भी संज्ञान लिया।
मणिपुर के मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह बुधवार को शिजा अस्पताल पहुंचे। उन्होंने थादौ बैपटिस्ट एसोसिएशन चर्च पर हमले में घायल लोगों का हाल जाना। बता दें कि इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। कुकी छात्र संगठन ने इस घटना के विरोध में जिले में अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों को सजा दिलाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने की अपील भी की।
इम्फाल पश्चिम जिले से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के कई सदस्य गिरफ्तार
चर्च पर हमले की इस घटना से इतर भी मणिपुर में हालात संवेदनशील हैं। पुलिस ने बताया कि 12 मई 2026 को सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के स्वयंभू संस्थापक अध्यक्ष और संगठन के चार सक्रिय सदस्यों को इम्फाल पश्चिम जिले के लैंगोल क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान संस्थापक अध्यक्ष लैशराम रणजीत सिंह (52) उर्फ तमंगनबा, ओइनम सोमेंचंद्र सिंह (42), अरंबम बिरकुमार (52), मैबम टोंबा सिंह (39) और चाबुंगबम लमंगनबा मेइतेई (38) के रूप में हुई है। उनके पास से पांच मोबाइल फोन और तीन आधार कार्ड बरामद किए गए।
Manipur | On 12th May 2026, security forces arrested the self-styled Founder Chairman and four active cadres of the proscribed insurgent outfit KCP (PWG) from Langol area under Lamphel-PS in Imphal West district.
— ANI (@ANI) May 14, 2026
The arrested have been identified as s/s Founder Chairman Laishram… pic.twitter.com/hnLjXQJo6d
बम विस्फोट मामले का मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार
इसके अलावा भी पुलिस ने एक अन्य कार्रवाई के दौरान प्रतिबंधित उग्रवादी समूह यूएनएलएफ (पी) के सक्रिय कार्यकर्ता को लिलोंग चाजिंग इलाके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान हिडांगमायुम बेनर्जित शर्मा (24), उर्फ मांजा के रूप में हुई है। मांजा इरिलबंग पुलिस स्टेशन में दर्ज बम विस्फोट मामले का मुख्य आरोपी है। पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल फोन, 32,500 रुपये नकद, एक आधार कार्ड, यूएनएलएफ (पी) का संगठनात्मक पहचान पत्र और बिना पंजीकरण नंबर के महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन वाहन बरामद किया है।
Manipur | On 12th May 2026, Police arrested an active cadre of the proscribed insurgent group UNLF(P) from the Lilong Chajing area. The arrested individual, identified as Hidangmayum Benerjit Sharma (24), alias Manja, is a prime accused in a bomb explosion FIR case registered at… pic.twitter.com/HgYSgIvknn
— ANI (@ANI) May 14, 2026
भारतीय नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी ने पूर्वी नौसेना कमान का दौरा किया। वह आईएनएस हिमगिरि पर सवार होकर परिचालन तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने पूर्वी बेड़े के उन्नत युद्ध अभ्यास देखे। त्रिपाठी ने 'सनराइज फ्लीट' की समन्वय और युद्धक क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा, 'भाप जैसा एहसास होने पर युद्ध की आहट मानकर तैयार और सतर्क रहना चाहिए। (Notice to steam must remain notice to combat)' नौसेना प्रमुख ने युद्धक तत्परता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कमान की प्रतिबद्धता की भी प्रशंसा की।
Admiral Dinesh K Tripathi, Chief of Naval Staff, embarked INS Himgiri during his visit to the Eastern Naval Command to review operational preparedness and witness advanced combat drills by the Eastern Fleet, Local Flotilla, submarines and maritime aircraft.
— ANI (@ANI) May 13, 2026
The CNS lauded the… pic.twitter.com/owxB5dTx7W
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो जिलों से छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक सभी गिरफ्तारियां बुधवार को की गईं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इंफाल वेस्ट जिले के लंगोल इलाके से केसीपी (PWG) के स्वयंभू फाउंडर चेयरमैन समेत संगठन के चार अन्य सक्रिय कैडरों को पकड़ा गया। वहीं थौबल जिले के लिलोंग चाजिंग इलाके से प्रतिबंधित यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पाम्बेई) के 24 वर्षीय सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। उस पर राज्य में हुए बम विस्फोट में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, यूएनएलएफ (पी) ने वर्ष 2023 में केंद्र सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन इसके सदस्य अब भी आपराधिक गतिविधियों में कथित संलिप्तता को लेकर गिरफ्तार किए जा रहे हैं। इस बीच मणिपुर में हिंसा का दौर जारी है। बुधवार को कांगपोकपी जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने तीन चर्च नेताओं की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। वहीं नोनी जिले में एक नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उसकी पत्नी घायल हो गई।
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के दिनहाटा इलाके से दो सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को बुधवार को हिरासत में लिया गया। उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। शिकायत मिलने के बाद दिनहाटा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दोनों को इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया पर सक्रिय कंटेंट क्रिएटर्स हैं और उन्होंने यह विवादित वीडियो अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में अपलोड किया गया था, साथ ही इसे कितने लोगों तक साझा किया गया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर दोनों को पहले हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की जांच जारी है।
इस बीच पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा कि किसी भी व्यक्ति को ऐसा कंटेंट अपलोड या प्रसारित करने की अनुमति नहीं है, जिसमें किसी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक भाषा हो या जिससे धार्मिक अथवा सामाजिक भावनाएं आहत हों।
विदेशी मुद्रा संरक्षण की जरूरत को देखते हुए गोवा सरकार ने गुरुवार को राज्य के खजाने से वित्त पोषित सार्वजनिक कर्मचारियों की सभी आधिकारिक विदेश यात्राओं पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया। राज्य के वित्त विभाग द्वारा जारी एक ज्ञापन में कहा गया है कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद लिया गया है।