फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   to resurrect dead son, parents did not cremate body for four days

अंधविश्वास ने जगाई बच्चे के जिंदा होने की आस, चार दिनों तक करते रहे टोटका

Sat, 09 Sep 2017 01:33 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Sat, 09 Sep 2017 01:33 PM IST
विज्ञापन
to resurrect dead son, parents did not cremate body for four days
प्रतीकात्मक चित्र

अंधविश्वासे के चलते ओडिशा में एक परिवार ने अपने बेटे का अंतिम संस्कार चार दिनों तक नहीं किया, उन्होंने आस थी कि उनका बेटा फिर जिंदा हो जाएगा। मामला ओडिशा के गंजम जिले का है, जहां अंधविश्वास के चलते माता पिता ने अपने ढाई साल के बच्चे का चार दिनों बाद अंतिम संस्कार किया।

विज्ञापन


सच्चिदानंद साहू और उसका परिवार 4 सितंबर की रात से पूजा कर रहा था, उन्होंने अपने बेटे के शव को पेड़ की खोल में रखा रहा था, उन्हें उम्मीद थी कि उनका बेटा वापस जिंदा हो जाएगा। साहू के इकलौते बेटे की मौत एससीबी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई थी। 
विज्ञापन


पढ़ें: तांत्रिक को तलाशना था मोबाइल, ले ली मासूम की बलि
विज्ञापन
विज्ञापन


साहू का पूरा परिवार बेटे के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, तभी उसके एक हाथ में हरकत नजर आई। भागीरथी साहू, सच्चिदानंद के पिता ने बताया कि हमें कुछ लोगों ने बताया बच्चे की लाश को आम के पेड़ के पास रखकर देवताओं की पूजा करो। गांव वालों ने परिवार को बताया कि इस तरीके के कई मामले सामने आए हैं, जब मरे लोग जिंदा हो जाते हैं।

लोगों के दावे के बाद सच्चिदानंद ने बेटे के शव को लाल कपड़े में लपेट कर पेड़ के पास रख दिया और कई तरह के टोटके किए।

मामले की जानकारी होने पर जब एक एनजीओ के लोग वहां पहुंचे तो उन्हें बच्चे के शव के पास नहीं जाने दिया गया। लोगों का कहना है कि यह अपने आप में एक चमत्कार है कि इतने दिनों तक अंतिम संस्कार न होने के बाद भी शव खराब नहीं हुआ। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed