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कोरोना से जंग: पोस्ट कोविड समस्याओं से बचने के लिए लोग ले रहे हैं पतंजलि और अन्य आयुर्वेद संस्थानों की शरण

Wed, 02 Jun 2021 11:54 AM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 02 Jun 2021 11:54 AM IST
सार

बेहतर प्राकृतिक वातावरण और साफ सुथरे माहौल में हर तरह की सुविधा से युक्त ऐसी जगहों पर ऑनलाइन बुकिंग भी तेजी से हो रही है। कोविड-19 संक्रमण के बाद इस समय लोग पोस्ट कोविड चिकित्सा के लिए ज्यादा संपर्क कर रहे हैं...

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to avoid Post covid complications patients are preferring for treatment in Patanjali and other Ayurvedic institutions
पतंजलि योग पीठ - फोटो : Amar Ujala (File)

विस्तार

कोरोना की खतरनाक दूसरी लहर के बाद इसके प्रकोप से बाहर निकले लोग अब पोस्ट कोविड समस्याओं से निजात पाने के लिए आयुर्वेद का सहारा ले रहे हैं। जो समृद्ध हैं वे बड़े-बड़े आयुर्वेद चिकित्सा केन्द्रों की तरफ जा रहे हैं तो कुछ लोग पतंजलि संस्थान की ओर से चलाए जा रहे कॉटेज शिविर में शरण ले रहे हैं। केरल की मशहूर आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के जरिये इलाज करने और एक बेहतर प्राकृतिक माहौल देने की कोशिश में बहुत सारे संस्थान काम कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है उत्तराखंड के अल्मोड़ा के पास बना आयुर्वेद कलमाटिया। यहां के चिकित्सा अधीक्षक डा. अभिलाष बताते हैं कि उनके यहां पोस्ट कोविड समस्याओं की आशंका को देखते हुए उनकी पद्धति से खुद को स्वस्थ रखने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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कुछ ही स्थिति बाबा रामदेव के पतंजलि संस्थान की है। दिल्ली, एनसीआर क्षेत्र के तमाम लोग हरिद्वार के पास राजाजी नेशनल पार्क के करीब पतंजलि के कॉटेज शिविरों में भी शरण ले रहे हैं। खुद को प्राकृतिक वातावरण में रखने और आयुर्वेदिक पद्धतियों से पोस्ट कोविड के दुष्प्रभावों से बचने के लिए अरविंद सिंह भी इन दिनों आयुर्वेद कलमाटिया में रहकर इलाज करवा रहे हैं। वह बताते हैं कि पूरा परिवार कोविड संक्रमण से पीडि़त था। अब वह खुद को और अपने परिवार को पोस्ट कोविड के दुष्प्रभावों से बचाने की कोशिश में लगे हैं।

कलमाटिया के चिकित्सा अधीक्षक अभिलाष बताते हैं कि उनके यहां केरल की मशहूर चिकित्सा पद्धति पर आधारित इलाज की व्यवस्था है। यहां उनके चिकित्सक रोगी के नाड़ी दोष आदि के व्यापक अध्ययन के बाद इलाज की प्रक्रिया शुरू करते हैं। यहां लोग पंचकर्मा कराने के अलावा मधुमेह समेत तमाम जटिल रोगों के इलाज के लिए आते हैं।

बेहतर प्राकृतिक वातावरण और साफ सुथरे माहौल में हर तरह की सुविधा से युक्त ऐसी जगहों पर ऑनलाइन बुकिंग भी तेजी से हो रही है। कोविड-19 संक्रमण के बाद इस समय लोग पोस्ट कोविड चिकित्सा के लिए ज्यादा संपर्क कर रहे हैं। पतंजलि योग संस्थान के अनुसार जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण कम हो रहा है, संस्थान में आकर योग शिविर और चिकित्सा सुविधा लेने वालों की संख्या बढ़ रही है। पिछले साल की तुलना में इस बार इसके बारे में पूछताछ करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

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डायबिटीज के इलाज के लिए ले रहे हैं आयुर्वेद की शरण

पोस्ट कोविड जटिलताओं में ज्यादातर लोगों को मधुमेह (डायबिटीज) की शिकायत हो रही है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या आयुर्वेद से डायबिटीज ठीक हो सकता है? स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे तमाम सवाल बहुत तेजी से पूछे जाने लगे हैं। इसका एक कारण बाबा रामदेव का आईएमए के साथ बढ़ा विवाद और एलोपैथी पर उठाए गए सवालों को माना जा रहा है। गुरविंदर सिंह नोएडा में रहते हैं। वह कोरोना से संक्रमित हो गए थे।

गुरविंदर का कहना है कि वह और उनके मित्र राजिंदर साथ-साथ कोरोना से संक्रमित हुए। दोनों ठीक हो गए, लेकिन कुछ दिन बाद पोस्ट कोविड समस्याओं के तहत राजिंदर को दोबारा अस्पताल में दाखिल होना पड़ा। इसके बाद वह लौटकर नहीं आए। इसलिए गुरविंदर अब अपना इलाज योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की देखरेख में कराना चाहते हैं। उन्होंने पहले गुड़गांव के एक आयुर्वेदिक संस्थान में संपर्क किया और अब वह हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ जाने की तैयारी कर रहे हैं।

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