तमिलनाडु: पांच युवकों की तालाब में डूबने से मौत पर CM स्टालिन ने जताया दुख, मंत्री बोले- उठाए जाएंगे उचित कदम
नांगनल्लूर के एक तालाब में बुधवार को वार्षिक उत्सव के हिस्से के रूप में तीर्थावरी के दौरान पांच युवक डूब गए। मंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पीड़ित परिवारों से संपर्क करेंगे।
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हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के मंत्री पीके सेकर बाबू ने गुरुवार को आश्वासन दिया कि मंदिर तीर्थावारी अनुष्ठानों के दौरान लोगों को डूबने से रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने इस तरह के आयोजन करने वाले ट्रस्टों से आह्वान किया कि वह पहले सरकार को सूचित करें।
यहां नांगनल्लूर के एक तालाब में बुधवार को वार्षिक उत्सव के हिस्से के रूप में तीर्थावरी के दौरान पांच युवक डूब गए। मंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पीड़ित परिवारों से संपर्क करेंगे।
विपक्ष के नेता ई.के पलानीस्वामी और विधानसभा के अन्य सदस्यों द्वारा लाए गए विशेष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए बाबू ने कहा कि मोवरासनपेट के जिस तालाब में यह हादसा हुआ है, वह पंचायत का है, मंदिर प्रशासन का नहीं। नंगनल्लूर में धर्मलिंगेश्वर मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट ने अनुष्ठान आयोजित करने के लिए हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग से अनुमति नहीं मांगी थी।
उन्होंने बताया कि तीर्थावरी पिछले चार-पांच साल से हर साल आयोजित की जाती है और कल सुबह जब मंदिर के पुजारी तालाब में डुबकी लगाने के लिए देवताओं की मूर्तियां लेकर आए तो अनुष्ठान के लिए पुजारियों के साथ गए पांच युवा डूब गए। मृतक राघवन, सूर्या, राघव, विनेश और योगेश्वरन की उम्र 18 से 22 साल के बीच थी।
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उन्होंने कहा कि युवाओं की दुखद मौत के साथ-साथ उनके माता-पिता के सपने चकनाचूर हो गए। बाबू ने कहा, यह दुखद घटना है, इसलिए विधायकों ने इस मुद्दे को उठाया और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की। मंत्री ने कहा कि हादसे के तत्काल बाद मुख्यमंत्री स्टालिन ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा कि तीर्थावारी अनुष्ठान के लिए टैंक से गाद निकालकर उसका नवीनीकरण क्यों नहीं किया गया। बाबू ने कहा कि अनुष्ठान करने वाले ट्रस्ट ने उनके विभाग को सूचित नहीं किया था।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक शोक संतप्त परिवार को तत्काल दो लाख रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की है और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री टी एम अनबरासन को उनसे मिलने और उन्हें सांत्वना देने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री की ओर से संवेदना व्यक्त करते हुए बाबू ने कहा कि स्टालिन पीड़ित परिवारों की मांगों को पूरा करने के लिए आगे आएंगे और उन्होंने हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है कि इस तरह की खेदजनक घटनाएं दोबारा न हों। विधानसभा सदस्यों द्वारा मुआवजे में वृद्धि की मांग पर मंत्री ने जवाब दिया कि सरकार राहत की घोषणा करते समय मानदंडों का पालन कर रही है, जैसा कि अतीत में किया गया था।
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