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टीएमसी और पीस पार्टी ने नागरिकता कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका
Fri, 13 Dec 2019 11:00 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 13 Dec 2019 11:00 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : social media
तृणमूल कांग्रेस के सांसद महुआ मोइत्रा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम की वैधता के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे की पीठ ने इसपर आज जल्दी सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने वकील से कहा है कि वह इस मामले को उल्लेख करने वाले अधिकारी के सामने इसका उल्लेख करें।
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Trinamool Congress MP Mahua Moitra moves Supreme Court challenging the validity of Citizenship Amendment Act. A Bench headed by Chief Justice SA Bobde refuses early hearing for today and asks lawyer to mention the matter before the mentioning officer. pic.twitter.com/8XwNk3Xke6
— ANI (@ANI) December 13, 2019विज्ञापन
इस विधेयक को गुरुवार रात को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई थी जिसके साथ ही यह अब कानून बन गया है। मोइत्रा के वकील ने प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए शुक्रवार को यह याचिका पेश की। पीठ ने उन्हें संबद्ध अधिकारी के पास जाने को कहा।
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मोइत्रा के वकील ने पीठ से अनुरोध किया कि याचिका को आज अथवा 16 दिसंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करें। इस कानून में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों - हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।
वहीं पीस पार्टी ने भी उच्चतम न्ययालय में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ रिट याचिका दाखिल की है। इसके अलावा केरल के विपक्षी नेता रमेश चेन्नीथाला ने कहा, 'मैंने उच्चतम न्यायालय में नागरिकता संशोधन अधिनियम के मामले में शामिल होने का फैसला लिया है क्योंकि यह संविधान का उल्लंघन है। केरल के लोग इस अधिनियम के विरोध में हैं।'