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बंगाल उपचुनाव: वोटरों को धमकाने पर टीएमसी विधायक पर कार्रवाई, सात दिन तक चुनाव प्रचार पर रोक
Wed, 30 Mar 2022 01:32 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Wed, 30 Mar 2022 01:32 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल में आसनसोल उपचुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती का एक वीडियो सामने आया था। इसमें वे भाजपा को वोट न देने की धमकी मतदाताओं को देते नजर आए थे।
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तृणमूल कांग्रेस विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में मतदाताओं को धमकी देने वाले टीएमसी विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती पर चुनाव आयोग की ओर से कार्रवाई की गई है। चुनाव आयोग ने नरेंद्रनाथ को सात दिनों तक चुनाव प्रचार से रोक दिया है। वे 30 मार्च सुबह दस बजे से छह अप्रैल रात आठ बजे तक किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे। उन्हें किसी भी प्रकार की जनसभा, रैलियां, रोड शो करने की अनुमति नहीं होगी।
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सामने आया था वीडियो
पश्चिम बंगाल में आसनसोल उपचुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती का एक वीडियो सामने आया था। इसमें वे भाजपा को वोट न देने की धमकी मतदाताओं को देते नजर आए थे। उन्होंने आसनसोल के हरिपुर में हुई कार्यकर्ता बैठक में भाजपा समर्थकों को विशेष तौर पर कहा कि ‘आसनसोल उपचुनाव में वोट न डालें, पोलिंग बूथ न जाएं।' वरना चुनाव के बाद तृणमूल के कार्यकर्ताओं के जरिए उनका पता लगाया जाएगा। अगर वे वोट नहीं करते हैं तो राज्य में रह सकते हैं, अपने काम व कारोबार कर सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस उन्हें पूरा सहयोग करेगी।’
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भाजपा की ओर से की गई थी शिकायत
भाजपा प्रवक्ताओं ने सोशल मीडिया पर यह वीडियो पोस्ट कर चुनाव आयोग से शिकायत की थी। अनिल बलूनी ने इसे लोकतंत्र का चीरहरण बताया था। राज्य में भाजपा के सहप्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि नरेन चक्रवर्ती को सलाखों के पीछे होना चाहिए। ममता बनर्जी उन्हें संरक्षण दे रही हैं। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नरेन को 2016 में सीआईएसएफ ने कोलकाता के नेताजी सुभाषचंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में रखा था क्योंकि वे गैर-लाइसेंसी पिस्तौल व गोलियां लेकर चेन्नई के लिए विमान में चढ़ रहे थे। बाद में उन्हें शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया।
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