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Mahua Moitra: सांसदी जाने के बाद क्या अब महुआ मोइत्रा खाली करेंगी सरकारी बंगला? फिर जारी हुआ नोटिस
Tue, 16 Jan 2024 09:32 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 16 Jan 2024 09:32 PM IST
सार
बताया गया है कि इस नोटिस के बाद महुआ मोइत्रा के बंगले पर संपदा निदेशालय की एक टीम को भेजा जाएगा, जो यह सुनिश्चित करेगी कि पूर्व सांसद ने बंगला खाली कर दिया है।
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महुआ मोइत्रा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तृणमूल कांग्रेस की नेता और पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा को संपदा निदेशालय की तरफ से सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने बताया कि पिछले महीने लोकसभा की सदस्यता जाने के बाद मोइत्रा को सरकारी बंगला तत्काल प्रभाव से खाली करने का नोटि भेजा गया है।
बताया गया है कि इस नोटिस के बाद महुआ मोइत्रा के बंगले पर संपदा निदेशालय की एक टीम को भेजा जाएगा, जो यह सुनिश्चित करेगी कि पूर्व सांसद ने बंगला खाली कर दिया है। इससे पहले दिसंबर में लोकसभा सदस्यता गंवाने की वजह से महुआ मोइत्रा को सात जनवरी तक बंगला खाली करने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद आठ जनवरी को निदेशालय ने उनसे बंगला न खाली करने के लिए तीन दिन के अंदर जवाब मांगा था। 12 जनवरी को उन्हें इस सिलसिले में एक और नोटिस दिया गया।
हाईकोर्ट से महुआ मोइत्रा को नहीं मिली थी राहत
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने चार जनवरी को तृणमूल कांग्रेस नेता से कहा था कि वह डीओई से संपर्क कर अनुरोध करें कि उन्हें आवंटित सरकारी आवास में रहने की अनुमति दी जाए। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने तृणमूल कांग्रेस नेता की उस आधिकारिक सूचना पर सुनवाई की थी, जिसमें कहा गया था कि उन्हें निष्कासन के बाद आवंटन रद्द होने के कारण सात जनवरी तक सरकारी बंगला खाली करने को कहा गया है।
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अदालत ने मोइत्रा को अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी और कहा कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पीठ ने कहा कि संपदा निदेशालय अपने विवेक से उनके मामले पर फैसला करेगा। पीठ ने कहा कि कानून के तहत बंगले से बाहर करने से पहले किसी निवासी को नोटिस जारी करना अनिवार्य है और सरकार को कानून के अनुसार याचिकाकर्ता को बेदखल करने के लिए कदम उठाने होंगे।
लोकसभा से दिसंबर में हुआ था निष्कासन
मोइत्रा को कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से उपहार स्वीकार करने और संसद की वेबसाइट का अपना यूजर आईडी और पासवर्ड उनके साथ साझा करने के आरोप में आठ दिसंबर, 2023 को 'अनैतिक आचरण' का दोषी ठहराया गया था और लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था।
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बताया गया है कि इस नोटिस के बाद महुआ मोइत्रा के बंगले पर संपदा निदेशालय की एक टीम को भेजा जाएगा, जो यह सुनिश्चित करेगी कि पूर्व सांसद ने बंगला खाली कर दिया है। इससे पहले दिसंबर में लोकसभा सदस्यता गंवाने की वजह से महुआ मोइत्रा को सात जनवरी तक बंगला खाली करने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद आठ जनवरी को निदेशालय ने उनसे बंगला न खाली करने के लिए तीन दिन के अंदर जवाब मांगा था। 12 जनवरी को उन्हें इस सिलसिले में एक और नोटिस दिया गया।
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हाईकोर्ट से महुआ मोइत्रा को नहीं मिली थी राहत
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने चार जनवरी को तृणमूल कांग्रेस नेता से कहा था कि वह डीओई से संपर्क कर अनुरोध करें कि उन्हें आवंटित सरकारी आवास में रहने की अनुमति दी जाए। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने तृणमूल कांग्रेस नेता की उस आधिकारिक सूचना पर सुनवाई की थी, जिसमें कहा गया था कि उन्हें निष्कासन के बाद आवंटन रद्द होने के कारण सात जनवरी तक सरकारी बंगला खाली करने को कहा गया है।
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अदालत ने मोइत्रा को अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी और कहा कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पीठ ने कहा कि संपदा निदेशालय अपने विवेक से उनके मामले पर फैसला करेगा। पीठ ने कहा कि कानून के तहत बंगले से बाहर करने से पहले किसी निवासी को नोटिस जारी करना अनिवार्य है और सरकार को कानून के अनुसार याचिकाकर्ता को बेदखल करने के लिए कदम उठाने होंगे।
लोकसभा से दिसंबर में हुआ था निष्कासन
मोइत्रा को कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से उपहार स्वीकार करने और संसद की वेबसाइट का अपना यूजर आईडी और पासवर्ड उनके साथ साझा करने के आरोप में आठ दिसंबर, 2023 को 'अनैतिक आचरण' का दोषी ठहराया गया था और लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था।