TMC: टीएमसी नेता कुणाल घोष ने प्रवक्ता और महासचिव पद से दिया इस्तीफा, बोले- दलबदल की अफवाहों को न दें हवा
कुणाल घोष ने ट्वीट कर कहा कि वे तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव और प्रवक्ता का पद नहीं रखना चाहते। वह सिस्टम में मिसफिट हैं। कार्य करने में असमर्थ हैं। वह पार्टी में सिपाही बनकर रहेंगे। कृपया दलबदल की अफवाहों को हवा न दें।
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तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने शुक्रवार को राज्य प्रवक्ता व प्रदेश महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया पर अपने नए बायो में घोष ने खुद को सिर्फ एक पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता बताया है। उन्होंने पार्टी के सभी संदर्भ हटा दिए हैं।
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि वह तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव और प्रवक्ता का पद नहीं रखना चाहते। वह सिस्टम में मिसफिट हैं। कार्य करने में असमर्थ हैं। वह पार्टी में सिपाही बनकर रहेंगे। कृपया दलबदल की अफवाहों को हवा न दें। ममता बनर्जी मेरी नेता हैं, अभिषेक बनर्जी मेरे सेनापति हैं। तृणमूल कांग्रेस मेरी पार्टी है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को दे दी है। इसके पहले उन्होंने अपने मीडिया प्रोफाइल से तृणमूल कांग्रेस की पहचान हटा दी।
जानें क्या है संदेशखाली विवाद
पश्चिम बंगाल पुलिस ने 55 दिन बाद हाल ही में टीएमसी नेता शाहजहां शेख को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उत्तर 24 परगना जिले से शेख को गिरफ्तार किया था। वह मिनाखा इलाके में एक घर से छिपा हुआ था। शाहजहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हुए हमले के बाद से फरार था। केंद्रीय एजेंसी ने फरार नेता पर शिंकजा कसने के लिए नोटिस जारी किया था। उधर स्थानीय महिलाओं ने भी शाहजहां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। महिलाओं ने शाहजहां और उसके समर्थकों पर यौन शोषण और जबरन जमीन कब्जाने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे।
टीएमसी नेता कब से फरार था?
5 जनवरी को ईडी की टीम पश्चिम बंगाल के राशन घोटाले में शाहजहां शेख के आवासों पर छापेमारी करने गई थी। इस दौरान ईडी के अधिकारियों की गाड़ियों पर पत्थरबाजी की गई। आरोप टीएमसी नेता शाहजहां शेख के समर्थकों पर लगा। इसके बाद से शाहजहां शेख फरार हो गया और समन करने के बावजूद एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ। इधर ईडी ने घटना को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर शाहजहां के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। बता दें, अदालत ने शाहजहां को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। 4 मार्च को कलकत्ता हाईकोर्ट शाहजाहां के मामले की सुनवाई करेगी।