बंगाल: निर्वाचन आयोग से मिला टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल, छह महीने में उपचुनाव कराने की मांग
पश्चिम बंगाल की की पांच रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। राज्य में उन दो अन्य सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जहां उम्मीदवारों की मौत के बाद मतदान रद्द कर दिया गया था। इन चुनावों में 'देरी' के लिए टीएमसी पहले भी नाराजगी जता चुकी है क्योंकि मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए ममता बनर्जी के लिए ये उपचुनाव महत्वपूर्ण हैं।
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पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का एक छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय का दौरा किया। टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के साथ बंगाल विधानसभा उपचुनाव व अन्य मुद्दों पर चर्चा की।
मुलाकात करने पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में डेरेक ओ'ब्रायन के अलावा टीएमसी सांसद सौगत राय, काकोली घोष दस्तीदार, सुदीप बंदोपाध्याय, कल्याण बनर्जी और सुखेंदु शेखर रॉय हैं। टीएमसी बंगाल की सात विधानसभा सीटों के लिए चुनाव व उपचुनाव कराने में देरी को लेकर नाराजगी जता चुकी है।
Delhi: A six-member delegation of TMC led by MP Derek O'Brien visits the Election Commission of India office in Delhi to discuss the upcoming Assembly bypolls in West Bengal and other issues pic.twitter.com/yJMT06jVL9
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 15, 2021
निर्वाचन आयोग के साथ बैठक के बाद तृणमूल सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि हमने निर्वाचन आयोग से अपील की है कि पश्चिम बंगाल में लंबित सभी उपचुनाव छह महीने के अंदर आयोजित कराए जाएं। उन्होंने हमारी बात सुनी और हमें उम्मीद है कि हमारी चर्चा सफल रहेगी।
बता दें कि मुख्यमंत्री बनर्जी नंदीग्राम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी के हाथों विधानसभा चुनाव हार गई थीं। ऐसे में, उपचुनाव उनके लिए बहुत महत्व रखते हैं।
संविधान के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति विधायक या सांसद नहीं है और वह मंत्रिपद पर आसीन होता है, तो उसके लिए छह महीने में विधानसभा या विधानपरिषद या संसद के दोनों सदनों में से किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है। यदि मंत्री ऐसा नहीं कर पाता है, तो छह महीने बाद वह पद पर नहीं बना रह सकता। बनर्जी को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए चार नवंबर तक विधायक बनना होगा।
उपचुनाव के लिए समय अनुकूल, निर्वाचन आयोग को बता दिया गया है: बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने निर्वाचन आयोग को सूचित कर दिया है कि राज्य, सात विधानसभा सीटों पर उप चुनाव कराने के लिए तैयार है क्योंकि इन क्षेत्रों में कोविड-19 की स्थिति नियंत्रण में है। बनर्जी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने यह जानना चाहा था कि क्या बंगाल दो रिक्त राज्यसभा की सीटों पर चुनाव कराने के लिए तैयार है, जिसके जवाब में मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया था कि राज्य, कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने के लिए भी तैयार है।
बनर्जी ने कहा, 'बंगाल में कोविड-19 संक्रमण दर घटकर 1.5 फीसदी रह गई है यह स्थिति उपचुनाव कराने के लिए अनुकूल है क्योंकि ज्यादातर निर्वाचन क्षेत्रों में संक्रमण का नया मामला सामने नहीं आया है।' भजपा ने कहा था कि बनर्जी उपचुनाव के लिए आतुर हैं क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए विधानसभा के लिए चुने जाने की जरूरत है। भाजपा के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बनप्जी ने कहा कि भाजपा उपचुनाव की मांग का समर्थन इसलिए नहीं कर रही है क्योंकि उसे पता है कि वह एक भी सीट नहीं जीत पाएगी।
माना जा रहा है कि बनर्जी भवानीपुर सीट से नामांकन दाखिल करेंगी। चुनाव के नतीजे आने के कुछ समय बाद ही तृणमूल से जीते शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने भवानीपुर सीट छोड़ दी थी। चट्टोपाध्याय अब खारदह सीट से चुनाव लड़ेंगे जो तृणमूल की काजल सिन्हा का निधन होने के बाद खाली हो गई थी। राज्य के कोटे से राज्यसभा की दो सीटें खाली हैं क्योंकि इस साल फरवरी में दिनेश त्रिवेदी ने उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और मानस भुइयां, मार्च अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में विधायक चुन लिए गए थे।