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Tamil Nadu: सेंगोल पर हो रही राजनीति पर मदुरै अधीनम के प्रधान महंत का आया बयान, बोले- बयानबाजी से हो रही पीड़ा

Fri, 26 May 2023 10:27 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 26 May 2023 10:27 PM IST
सार

महंत अंबालावना देसिगा परमाचार्य स्वामी ने कहा कि सेंगोल जो लोगों की नजरों से दूर था अब दुनिया के देखने के लिए संसद में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

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Tiruvavaduthurai Aadeenam chief Priest said wrong claims on Sengol causing anguish Tamilnadu news and updates
सेंगोल पर सियासत - फोटो : ANI

विस्तार

देश में नई संसद और उसमें स्थापित होने जा रहा सेंगोल को लेकर राजनीति काफी जोरों पर है। नई संसद के उद्घाटन के अवसर पर तो पूरे विपक्ष ने वॉक आउट कर दिया है। वहीं अब सेंगोल को लेकर मदुरै अधीनम के प्रधान महंत अंबालावना देसिगा परमाचार्य स्वामीगल ने कहा कि सेंगोल के गलत दावे से पीड़ा हो रही है। 

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शुक्रवार को उन्होंने कहा कि लॉर्ड माउंटबेटन ने सेंगोल 1947 में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दिया था। अच्छा है कि प्रधानमंत्री मोदी सेंगोल को नई संसद में जगह देंगे। कल हम दिल्ली जा रहे हैं और हम सेंगोल प्रधानमंत्री मोदी को देंगे। इस संबंध में कुछ लोगों द्वारा किए गए गलत दावों से काफी दुख हुआ है। 
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महंत अंबालावना देसिगा परमाचार्य स्वामी ने कहा कि सेंगोल जो लोगों की नजरों से दूर था अब दुनिया के देखने के लिए संसद में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। सेंगोल को सौंपे जाने के सबूत के सवाल पर महंत ने कहा कि 1947 में समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में छपी तस्वीरों और रिपोर्टों सहित सबूत थे।
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महंत ने कहा कि यह दावा करना कि सेंगोल को नेहरू को नहीं दिया गया, गलत जानकारी है। तमिलनाडु के लिए यह गर्व की बात है कि सेंगोल चोल देश (चोलों द्वारा शासित क्षेत्र) में स्थित तिरुववदुथुराई आदिनम से आया है। राजदंड एक न्यायपूर्ण और निष्पक्ष शासन के लिए धार्मिकता को दर्शाता है और तमिल साहित्य में सेंगोल के संदर्भ हैं। उन्होंने कहा कि चोल साम्राज्य के शासनकाल के दौरान परंपराओं को ध्यान में रखते हुए, सेंगोल बनाया गया था और उस पर ऋषभ (नंदी, बैल) का प्रतीक रखा गया था।

सेंगोल धर्म का प्रतीक है, नंदी धर्म का प्रतीक है; यह आने वाले सभी समय के लिए धर्म की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने धर्म के प्रतीक नंदी के महत्व को रेखांकित करने के लिए एक तमिल शैव भजन का भी हवाला दिया। करीब 2 महीने पहले केंद्र ने सेंगोल को नए संसद भवन के अंदर रखने के संकेत दिए थे। केंद्र सरकार ने उन्हें उद्घाटन समारोह के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि हम खुश हैं, एक संग्रहालय तक सीमित सेंगोल को नए संसद भवन में रखा जाएगा। हमें दिल्ली से आमंत्रित किया गया है और हम जा रहे हैं और सेंगोल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया जाएगा।


मलाई मंदिर के अध्यक्ष वी बालासुब्रमण्यन ने कहा कि भारत सरकार ने तमिलनाडु से 'अधीनम' और 'ओडुवार' को आमंत्रित किया है...अधीनम प्रधानमंत्री को सेंगोल भेंट करेंगे...'अधीनम' और 'ओडुवार' आज मलाई मंदिर में पूजा-अर्चना करने आ रहे हैं।

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