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राज्यसभा, विधान परिषद चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को आपराधिक रिकॉर्ड करना होगा सार्वजनिक
Sat, 16 Jan 2021 02:38 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 16 Jan 2021 02:38 AM IST
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चुनाव आयोग (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
चुनाव आयोग ने राज्यसभा और विधान परिषद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए अपना आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के लिए समयसीमा तय कर दिया है। प्रत्याशियों को चुनाव से पहले तीन बार ऐसा करना होगा।
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आयोग ने इस हफ्ते की शुरुआत में सभी राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय राजनीतिक दलों को पत्र लिखा था। इसमें आयोग ने कहा है कि राज्यसभा और राज्यों की विधान परिषद चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को तीन अवसरों पर लंबित आपराधिक मुकदमों की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव राज्यों की विधानसभा के सदस्य करते हैं।
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आयोग के खत के मुताबिक, पहली बार नामांकन वापसी के पहले के दो दिन, दूसरी बार तीसरे और चौथे दिन के बीच आपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। तीसरी बार जानकारी मतदान की तिथि से पहले के पांचवें से छठवें दिन जारी करनी होगी।
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इसी तरह के प्रावधान लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए भी हैं। इन प्रावधानों का मकसद चुनाव लड़ रहे लोगों की पृष्ठभूमि के बारे में मतदाताओं को जानकारी होना है।