फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Tigers Death Record 204 tigers killed this year maximum 52 tigers died in Maharashtra

Tigers Death: इस साल मारे गए रिकॉर्ड 204 बाघ, महाराष्ट्र में सबसे अधिक 52 बाघ मरे, शिकारियों ने ली 55 की जान

Thu, 28 Dec 2023 06:18 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Thu, 28 Dec 2023 06:18 AM IST
सार

प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के मौके पर गैर लाभकारी संस्था वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ इंडिया (डब्ल्यूपीएसआई) ने बाघों पर रिपोर्ट जारी की है। 

विज्ञापन
Tigers Death Record 204 tigers killed this year maximum 52 tigers died in Maharashtra
बाघों की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस साल अब तक भारत में 204 बाघ मारे गए हैं। सबसे अधिक 52 बाघ महाराष्ट्र में मारे गए। इसके बाद दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश है, जहां 45 बाघों की मौत हुई। 26 मौतों के साथ उत्तराखंड तीसरे स्थान पर है। इनकी मौत के अलग-अलग कारणों के साथ शिकारियों ने 55 बाघों की जान ली है। 

विज्ञापन


प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के मौके पर गैर लाभकारी संस्था वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ इंडिया (डब्ल्यूपीएसआई) ने बाघों पर रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु और केरल में 15-15 बाघों की मृत्यु हुई।
विज्ञापन


कर्नाटक में 13, असम और राजस्थान में 10-10, यूपी में 7, बिहार और छत्तीसगढ़ में 3-3, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 2-2 बाघों की मौत हुई। तेलंगाना में इस वर्ष केवल एक बाघ की मौत हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


3,167  थी 2022 तक बाघों की संख्या
अखिल भारतीय बाघ अनुमान की गणना के अनुसार 2018 से 2022 तक देश में बाघों की संख्या 200 बढ़ गई थी। 2022 में भारत में बाघों की संख्या 3,167 थी जबकि 2018 में यह 2,967 थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed