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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: शूटरों को कैसे मिली सटीक लोकेशन? पुलिस को मुखबिर की तलाश; बाइक को लेकर भी हुआ खुलासा
सार
अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की जांच में मुंबई पुलिस शूटरों के साथ उस व्यक्ति की भूमिका भी तलाश रही है, जिसने कथित तौर पर उनकी गतिविधियों की जानकारी दी होगी। पुलिस के लिए यह पता लगाना अहम है कि हमलावरों को उनके फुटबॉल खेलने के कार्यक्रम की जानकारी कैसे मिली।
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टाइगर श्रॉफ शूटआउट में नया सुराग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
टाइगर श्रॉफ पर रविवार को गोलियां तब चलीं, जब वह फ़ुटबाल खेल कर लौट रहे थे। वह हर संडे दो घंटे फुटबॉल खेलने जाते हैं। मुंबई पुलिस की जांच का फोकस सिर्फ वो शूटर ही नहीं हैं, जिन्होने टाइगर पर गोलियां चलाई। फोकस इस बात पर भी है, कि शूटरों को कैसे पता चला कि टाइगर फुटबॉल खेलने जाते हैं? क्या टिपर बॉलीवुड में से कोई है?
90 के दशक में जब बॉलीवुड हस्तियों को उगाही के कॉल आते थे और कइयों पर जब गोलियां चलीं, तो उस वक्त भी मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड में काम करने वाले कई टिपर को गिरफ्तार किया था। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि टाइगर श्रॉफ के फुटबॉल मैच खेलने वाली बात इसलिए जांच का महत्वपूर्ण एंगल है, क्योंकि जब सलमान खान और रोहित शेट्टी को टारगेट कर गोलियां चलाई गई थीं, तो दोनों के घरों के बाहर गोलियां चलाई गई थी।
पुलिस को क्यों हुई मुखबिरी का शक?
तब शूटरों को इन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का घर का एड्रेस तो पता था, लेकिन यह पता नहीं था कि यह सेलिब्रिटीज घर में हैं या नहीं। टाइगर श्राफ के मामले में शूटरों को उनकी पक्की लोकेशन पता थी।।इसलिए मुंबई पुलिस शूटरों के साथ टिप देने वाले पर भी उतना ही फोकस कर रही है।
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मुंबई पुलिस ने रविवार शाम करीब 7 बजे बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के आवास पर हुई गोलीबारी की घटना के सिलसिले में अज्ञात शूटरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109(1) और 3(5) के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धाराओं 3 और 25 के तहत दर्ज किया गया है। केस जुहू पुलिस से मुंबई क्राइम ब्रांच को भी ट्रांसफर कर दिया गया है।
हमले में बाल-बाल बचे थे टाइगर श्रॉफ
इससे पहले, मुंबई पुलिस ने रविवार शाम विले पार्ले स्थित पुष्पा नरसी पार्क के पास टाइगर श्रॉफ की कार पर सात राउंड गोलियां चलाने वाले तीन अज्ञात लोगों का पता लगाने के लिए 15 टीमें गठित की थीं। श्रॉफ बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर फिरदौस और एक राहगीर उमेश चव्हाण को गोली लगने से चोटें आईं।
पुलिस ने बताया कि दोनों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और वे खतरे से बाहर हैं। मुंबई पुलिस ने फिरदौस का बयान दर्ज कर लिया है, जिन्हें अभिनेता की कार पर अज्ञात लोगों द्वारा गोली चलाए जाने के दौरान बाएं हाथ में गोली लगी थी।
हमले में इस्तेमाल बाइक जब्त, तीन मालिकों के हाथों से गुजरी थी पल्सर
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक जब्त कर ली है। यह बाइक सोमवार रात अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास से बरामद की गई। इसके बाद बाइक को डी.एन. नगर पुलिस स्टेशन लाया गया। पुलिस ने बाइक के मालिक से पूछताछ भी की है। जांच में सामने आया है कि यह बाइक तीन मालिकों के हाथों से गुजर चुकी थी और एक शूटर ने इसे तीसरे मालिक से खरीदा था।
पुलिस के मुताबिक, इस बाइक का पहला मालिक जोगेश्वरी इलाके का रहने वाला था। उसने बाइक दूसरे व्यक्ति को बेच दी थी। इसके बाद दूसरे मालिक ने इसे तीसरे व्यक्ति को बेच दिया। शूटर ने पितृ पक्ष शुरू होने से पहले तीसरे मालिक से यह बाइक खरीदी थी। बाइक खरीदने के लिए तीसरे मालिक को पैसे भी दे दिए गए थे, लेकिन इसके मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों को नए खरीदार के नाम पर ट्रांसफर नहीं कराया गया था।
बाइक के दस्तावेजों को नए मालिक के नाम पर ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया नवरात्रि के बाद पूरी होनी थी। इसी बीच टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की वारदात हो गई। बाइक के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों का ट्रांसफर नहीं होना भी पुलिस जांच का एक अहम पहलू है।
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90 के दशक में जब बॉलीवुड हस्तियों को उगाही के कॉल आते थे और कइयों पर जब गोलियां चलीं, तो उस वक्त भी मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड में काम करने वाले कई टिपर को गिरफ्तार किया था। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि टाइगर श्रॉफ के फुटबॉल मैच खेलने वाली बात इसलिए जांच का महत्वपूर्ण एंगल है, क्योंकि जब सलमान खान और रोहित शेट्टी को टारगेट कर गोलियां चलाई गई थीं, तो दोनों के घरों के बाहर गोलियां चलाई गई थी।
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पुलिस को क्यों हुई मुखबिरी का शक?
तब शूटरों को इन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का घर का एड्रेस तो पता था, लेकिन यह पता नहीं था कि यह सेलिब्रिटीज घर में हैं या नहीं। टाइगर श्राफ के मामले में शूटरों को उनकी पक्की लोकेशन पता थी।।इसलिए मुंबई पुलिस शूटरों के साथ टिप देने वाले पर भी उतना ही फोकस कर रही है।
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मुंबई पुलिस ने रविवार शाम करीब 7 बजे बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के आवास पर हुई गोलीबारी की घटना के सिलसिले में अज्ञात शूटरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109(1) और 3(5) के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धाराओं 3 और 25 के तहत दर्ज किया गया है। केस जुहू पुलिस से मुंबई क्राइम ब्रांच को भी ट्रांसफर कर दिया गया है।
हमले में बाल-बाल बचे थे टाइगर श्रॉफ
इससे पहले, मुंबई पुलिस ने रविवार शाम विले पार्ले स्थित पुष्पा नरसी पार्क के पास टाइगर श्रॉफ की कार पर सात राउंड गोलियां चलाने वाले तीन अज्ञात लोगों का पता लगाने के लिए 15 टीमें गठित की थीं। श्रॉफ बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर फिरदौस और एक राहगीर उमेश चव्हाण को गोली लगने से चोटें आईं।
पुलिस ने बताया कि दोनों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और वे खतरे से बाहर हैं। मुंबई पुलिस ने फिरदौस का बयान दर्ज कर लिया है, जिन्हें अभिनेता की कार पर अज्ञात लोगों द्वारा गोली चलाए जाने के दौरान बाएं हाथ में गोली लगी थी।
हमले में इस्तेमाल बाइक जब्त, तीन मालिकों के हाथों से गुजरी थी पल्सर
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक जब्त कर ली है। यह बाइक सोमवार रात अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास से बरामद की गई। इसके बाद बाइक को डी.एन. नगर पुलिस स्टेशन लाया गया। पुलिस ने बाइक के मालिक से पूछताछ भी की है। जांच में सामने आया है कि यह बाइक तीन मालिकों के हाथों से गुजर चुकी थी और एक शूटर ने इसे तीसरे मालिक से खरीदा था।
पुलिस के मुताबिक, इस बाइक का पहला मालिक जोगेश्वरी इलाके का रहने वाला था। उसने बाइक दूसरे व्यक्ति को बेच दी थी। इसके बाद दूसरे मालिक ने इसे तीसरे व्यक्ति को बेच दिया। शूटर ने पितृ पक्ष शुरू होने से पहले तीसरे मालिक से यह बाइक खरीदी थी। बाइक खरीदने के लिए तीसरे मालिक को पैसे भी दे दिए गए थे, लेकिन इसके मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों को नए खरीदार के नाम पर ट्रांसफर नहीं कराया गया था।
बाइक के दस्तावेजों को नए मालिक के नाम पर ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया नवरात्रि के बाद पूरी होनी थी। इसी बीच टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की वारदात हो गई। बाइक के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों का ट्रांसफर नहीं होना भी पुलिस जांच का एक अहम पहलू है।