{"_id":"5efaa4b18ebc3e42cc661e1e","slug":"tibetan-leader-said-india-should-raise-the-issue-of-tibet-during-bilateral-talks-with-china","type":"story","status":"publish","title_hn":"तिब्बती नेता बोले- चीन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत को तिब्बत का मुद्दा उठाना चाहिए","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तिब्बती नेता बोले- चीन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत को तिब्बत का मुद्दा उठाना चाहिए
Tue, 30 Jun 2020 08:04 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 30 Jun 2020 08:04 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
पूर्वी लद्दाख में चीन और भारत के बीच जारी तनातनी के बीच तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रमुख लोबसांग सांगे ने सोमवार को कहा कि भारत को चीन के साथ द्विपक्षीय वार्ता में तिब्बत का मुद्दा उठाना चाहिए और इसे प्रमुख मुद्दा बनाना चाहिए।
विज्ञापन
विदेशी संवाददाता क्लब द्वारा आयोजित वेबिनार में सांगे ने कहा कि तिब्बत, भारत और चीन के बीच तनाव का एक कारण है। उन्होंने कहा कि तिब्बत ने हमेशा दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी वाले देशों चीन और भारत के बीच ‘बफर जोन’ का काम किया, लेकिन उस पर कब्जे के बाद यह समाप्त हो गया।
विज्ञापन
केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के प्रमुख ने कहा कि पंचशील संधि के साथ चीन ने विश्वासघात के बीज बोए। सांगे ने कहा कि भारत ने तिब्बत पर कब्जा होने के बाद भारी कीमत चुकाई। उन्होंने कहा, ‘चीन कहता है कि तिब्बत मुख्य मुद्दा है, भारत को भी यही कहना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि तिब्बत का मुद्दा सुलझाने के लिए भारत को नेतृत्व करना चाहिए।
विज्ञापन