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कोरोना वायरस: घनी आबादी के बाद दूसरे क्षेत्र में बढ़ा कोरोना का खतरा
Tue, 27 Oct 2020 07:55 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 27 Oct 2020 07:55 AM IST
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coronavirus - सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : iStock
कोरोना वायरस से संक्रमित नए मरीज और मौतों में लगातार आ रही कमी के चलते विशेषज्ञों का अनुमान है कि वायरस अब घनी आबादी को छोड़ दूसरे क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगा है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु इत्यादि राज्यों में यह स्थिति देखने को मिल रही है।
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर गिरधर बाबू का कहना है कि कर्नाटक में पिछले कुछ समय से संक्रमित मरीजों में कमी देखने को मिल रही है। पिछले 24 घंटे में यहां सबसे ज्यादा मरीजों को डिस्चार्ज भी किया गया है। संक्रमण की बदलती तस्वीर से स्पष्ट है कि घनी आबादी से होते हुए यह दूसरे क्षेत्रों में जा रहा है।
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हालांकि इसके प्रभाव क्या होंगे? यह आगामी दिनों में ही पता चल सकेगा। कर्नाटक में कुछ समय पहले तक रोजाना 10,000 से अधिक संक्रमित मरीज मिल रहे थे जो कि 5 से 6 हजार तक पहुंच गए हैं।
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इससे पहले दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया कह चुके हैं कि बीते कुछ सप्ताह में संक्रमण की गति और दिशा दोनों में बदलाव देखे गए हैं। उन्होंने यह भी माना कि कोरोना महानगरों से होता हुआ देश के अन्य इलाकों तक पहुंच चुका है। हालांकि इसके प्रभाव सबसे ज्यादा शहरों में दिखाई दे रहे हैं।
फ्रांस में महामारी नियंत्रण से बाहर, एक दिन में 52 हजार मामले
फ्रांस में एक दिन में 52,000 नए कोरोना वायरस सामने के आने के बाद वहां के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने सोमवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि फ्रांस में महामारी नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। वायरस पर सरकार को सलाह देने वाली वैज्ञानिक परिषद के अध्यक्ष डॉ. जीन फ्राईनोइस डेलफ्रेसी ने कहा कि देश बहुत कठिन दौर से गुजर रहा है। स्थिति बहुत गंभीर है संभवत हर दिन पचास हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
वैज्ञानिक परिषद के अनुमान के मुताबिक यादव गुना यानी रोजाना दस हजार मामले सामने आ सकते हैं। इसका मतलब यह है कि देश में वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है। वहीं पेरिस से सल्पेटिराइयर अस्पताल के इंफेक्शन एवं ट्रॉपिकल डिजीज डिपार्टमेंट के डॉ. इरिक ने कहा कि देश को दोबारा लॉकडाउन लगाने की जरूरत है। इससे पहले स्पेन ऐसा पहला यूरोपियन देश है, जहां 10 लाख से ज्यादा कोरोना मामलों की पुष्टि हुई है। यहां रविवार को आपातकाल की घोषणा कर दी गई थी।
पूरे देश में रात्रि का कर्फ्यू लागू करने के साथ ही सामाजिक कार्यक्रमों में 6 से ज्यादा लोग एकत्र नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में संभावित आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। वहीं इटली के दो प्रमुख शहर में नेपल्स और रोम में लोगों ने नए प्रतिबंधों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कोविड-19 विश्व के लिए सबसे बड़ा संकट: यूएन
विश्व में संक्रमितों का आंकड़ा 4.34 करोड़ को पार और 11.60 लाख लोगों की मौत हो गई है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन के ऑनलाइन सत्र का उद्घाटन करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि कोरोना काल हमारे मौजूदा समय का सबसे बड़ा संकट है।