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संकट में पाकिस्तान, एफएटीएफ की काली सूची में डाला जा सकता है
Mon, 10 Jun 2019 07:58 PM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Mon, 10 Jun 2019 07:58 PM IST
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इमरान खान (फाइल फोटो)
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आतंकी संगठनों पर कार्रवाई न करने के संबंध में पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पाकिस्तान को छह दिनों के भीतर जैश-ए-मोहमम्द और लश्कर-ए-ताइबा जैसे आतंकी गुटों पर कार्रवाई करना होगा, अन्यथा फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) पाकिस्तान को काली सूची में डाल सकता है। फिलहाल पाक को एफएटीएफ ने ग्रे सूची में डाल रखा है।
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एशिया पेसिफिक समूह ने पाकिस्तान को बताया है कि जिन 27 एक्शन प्लान पर उसे काम करने को कहा गया था उनमें से 18 योजनाओं पर उसकी कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। यह समूह आतंकी फंडिंग, जनसंहार करने वाले हथियारों की खरीद के लिए होने वाले वित्तीय लेनदेन से रोकने वाली एक संस्था है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर एफएटीएफ कार्रवाई करती है। एक अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक एशिया-पेसिफिक समूह ने मांग की है कि पाकिस्तान आईएस,अल कायदा, जमात-उद-दावा, फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन, लश्कर-ए-ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क, और तालिबान से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। उसने पाकिस्तान से कहा गया है कि उसकी जांच एजेंसियां मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग को रोकने के लिए कुछ ऐसे कदम उठाएं जिसका असर स्पष्ट दिखाई दे।
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16 से 21 जून के बीच होगी एफएटीएफ की बैठक
एफएटीएफ एक ऐसी वैश्विक संस्धा है जो दुनिया भर में आतंकी संगठनों को दी जाने वाली आर्थिक मदद पर नजर रखती है। उसकी अगली बैठक 16 से 21 जून के बीच हो सकती है जिसमें पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव लाया जा सकता है।
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