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अटल जी की अंतिम यात्रा में पहुंचे हजारों लोग, गांधी की शवयात्रा में शामिल हुए थे 20 लाख लोग

Fri, 17 Aug 2018 03:27 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 17 Aug 2018 03:27 PM IST
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Thousands of people who reached Atal ji's last ride Gandhi's funeral, two million people
atal bihari vajpayee
कल राजनीति के एक युग का अंत हो गया। कवि, विचारक, दूरद्रष्टा ही नहीं युग पुरुष, जननायक माने जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं हैं। शुक्रवार को जब उनकी अंतिम यात्रा निकाली जा रही थी तब उसमें शामिल होने न केवल देश के कोने-कोने से उनके प्रशंसक पहुंचे बल्कि विदेशों के राजनेता, प्रधानमंत्री, विदेशमंत्री भी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे। 
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उनकी अतंयेष्टी राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर यमुना के किनारे किया गया। जब उनकी शवयात्रा निकाली जा रही थी तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित सभी नेता गण युग पुरुष को श्रद्धांजलि देने पैदल निकले।
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जिसने भी अटल की शव यात्रा को देखा बस देखता ही रह गया। उनकी इस यात्रा में शामिल होने लाखों की संख्या में लोग दिल्ली की सड़कों पर उतर आए थे। चारों तरफ सिर्फ सिर ही सिर दिखाई दे रहा था। 
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 क्या देश, क्या विदेश युग पुरुष के निधन से पूरी दुनिया शोक में डूबी हुई है। कई देशों के राजनेता और नायक उनकी अंत्येष्टी में शामिल होने आए हैं। वहीं देश भर से अटलजी  के प्रशंसक भी राजनेता को श्रद्धांजलि देने दिल्ली पहुंचे। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि भाजपा का हेड ऑफिस से  निकाली गई उनकी शवयात्रा में करीब 8 से 10 लाख लोग शामिल हुए। 

  आज हम अटल जी के बहाने उन महान नेताओं को याद कर रहे हैं जिन्हें श्रद्धांजलि देने लोगसड़कों पर  उतर आए थे

Thousands of people who reached Atal ji's last ride Gandhi's funeral, two million people
matma-gandhi
महात्मा गांधी
महात्मा गांधी भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन के मुख्य नेता थे और अहिंसा आन्दोलन से पूरे विश्व को प्रेरित करने वाले महान नायक थे।  2 अक्टूबर 1869 में जन्मे महात्मा गांधी ने कानून की पढाई की और भारत व साउथ अफ्रीका के मानवाधिकारो की लड़ाई लड़ी । भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में अहिंसक तरीके से उन्होंने अंग्रेजो का बहिष्कार किया | 1948 में  देश के विभाजन के बाद 30 जनवरी को नाथूराम गोडसे ने उनकी हत्या कर दी |

गांधीजी की मौत पर पूरा देश शोक में डूब गया था, क्या गांव क्या शहर जिसे गांधी जी के निधन की खबर मिली वह सरपट दिल्ली की तरफ दौर चला। दुनियाभर के नेता इस अहिंसा के पुजारी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। 
बताया जाता है कि गांधी जी की शवयात्रा में करीब बीस लाख लोग पहुंचे थे। शवयात्रा में शामिल होने के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे कि पांच मील की यात्रा पूरी करने में पांच घंटे से भी अधिक का समय लगा था। गांधीजी के शरीर को एक हथियार वाहन पर लाया गया जिसके ढांचे को रातो रात बदला गया जिसमे एकतल ऊंची मंजिल बनाई जिससे की लोग उनके अंतिम दर्शन कर सके।  इसको चलाने के लिए इंजन का इस्तेमाल नही किया गया इसके बजाय 50 लोग रस्सी से इस वाहन को खीच रहे थे । उस दिन उनके शोक में सारे राजकीय प्रतिष्टान बंद रहे थे साथ ही देश में 12 दिन  का राजकीय शोक घोषित किया गया था। 
 

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jawahar-lal nehru
प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू
देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का  निधन दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुआ था। वह 74 साल के थे। निधन के बाद  उनके कट्टर दुश्मन माने जाने वाले देश पाकिस्तन और चीन भी मौन हो गए थे। प्रखर प्रवक्ता और दुनिया की जबरदस्त जानकारी रखने वाले नेहरू के निधन को देशवासी काफी आहत हुए थे।  नेहरू के निधन की खबर दुनियाभर में आग की तरह फैली और आखिरी दर्शन के लिए लोग रात भर चलते हुए दिल्ली पहुंचे। बताया जाता है कि उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए लाखों की संख्या में लोग पहुंचे थे। सिर्फ देश ही नहीं विदेश के राजनेता भी बड़ी संख्या में उनके अंतिम दर्शन करने पहुंचे थे। उनके निधन के बाद 12 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया था।      

Thousands of people who reached Atal ji's last ride Gandhi's funeral, two million people
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इंदिरा गांधी
इंदिरा गांधी को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। उनके निर्णयों के कायल खुद अटल बिहारी वाजपेयी रहे और उन्होंने इंदिरा को  दुर्गा की उपाधि दी थी। इंदिरा को उनके ही अंगरक्षकों ने दोपहर में उनके सरकारी निवास पर गोली मार दी थी।

इंदिरा की हत्या के बाद देश में एक अलग तरह का उन्माद फैल गया था। जगह-जगह दंगे फसाद की खबरें आ रहीं थीं। इंदिरा जी की जब हत्या हुई तब वह देश की प्रधानमंत्री थी।

इंदिरा की हत्या की खबर आते ही देशभर में मातम छा गया था। यही नहीं उस दौरान सिख विरोधी दंगे भी खूब भड़के थे। इंदिरा सबकी प्रिय नेता थीं और ऐसा अनुमान लगाया गया था कि उनकी शवयात्रा में करीब 10 लाख लोग शामिल होंगे लेकिन देशभर में दंगा-फसाद इतना चल रहा था कि लोग पहुंच नहीं सके। करीब 3 लाख लोग उनकी आखिरी दर्शन के लिए ही पहुंच सके थे।  

Thousands of people who reached Atal ji's last ride Gandhi's funeral, two million people

बाला साहेब ठाकरे

दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाला साहेब ठाकरे का निधन 17 नवंबर 2012 को मुंबई में हुआ था। उनकी अंतिम यात्रा में लाखों की संख्या में मुंबईवासी, राजनेता, शिव सैनिक, बॉलिवुड और उद्योग जगत के लोग शामिल हुए थे। उनकी अंतिम यात्रा उनके बांद्रा स्थित आवास से शुरू होकर सेना भवन पहुंची थी। जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंत्येष्टि के लिए शिवाजी पार्क ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि लाखों की संख्या में लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। महाराष्ट्र में ठाणे, रायगढ़, पुणे, औरंगाबाद तथा कोंकण क्षेत्र से हजारों की संख्या में शिव सैनिक पहुंचे थे। 

उनकी अंतिम यात्रा में करीब 2 लाख लोग साथ-साथ चले थे। जगह-जगह लोग घर की छतों, पेड़, पानी की पाइप पर चढ़कर उनकी एक झलक पाने की कोशिश करते दिखाई दिए थे। सबसे हैरानी की बात तो ये थी कि उनकी अंतिम यात्रा में माहिम पहुंचने पर बहुत सी मुस्लिम महिलाएं भी रो रही थीं। वहीं चर्च जाने वाले लोग भी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे। 86 वर्ष के ठाकरे का शव शीशे के बॉक्स में फूलों से सजे खुले ट्रक पर रखा गया था। 

Thousands of people who reached Atal ji's last ride Gandhi's funeral, two million people
rajiv gandhi
21 मई 1991 की काली शाम जब लिट्टे समर्थकों ने राजीव गांधी की हत्या की साजिश रची ही नहीं बल्कि उनकी हत्या में कामयाब भी हुए। राजीव की हत्या देश के लिए बहुत बड़ा सदमा थी। जिसने भी उनके मारे जाने की खबर सुनी विश्वास ही नहीं कर पाया। उनकी शवयात्रा में शामिल होने के लिए दिल्ली में लाखों की संख्या में लोग पहुंचे थे, हर किसी के जुबां पर बस एक ही बात थी काश यह झूट होता।  24 मई को जब उनकी शवयात्रा निकाली गई तब चारों ओर चीख पुकार मची हुई ती देश ने एक महानायक को खोया था। उनकी शवयात्रा में शामिल होने के लिए सुदूर गांवों से भी लोग पहुंचे थे। 
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