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केंद्र सरकार में 'वेरी गुड' अफसर बनेंगे 'मुख्य सतर्कता अधिकारी', पूरी करनी होंगी ये शर्तें
Wed, 16 Dec 2020 06:11 PM IST
Harendra Chaudhary
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 16 Dec 2020 06:11 PM IST
सार
सीवीओ पद के इच्छुक अधिकारियों की 31 मार्च तक गोपनीय रिपोर्ट पूरी होनी चाहिए। यदि किसी अधिकारी की एसीआर गुम हो गई है तो उसका आवेदन सीवीओ के लिए स्वीकार किया जाएगा...
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Department of personnel training DOPT
- फोटो : फाइल (सांकेतिक)
विस्तार
केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में अब केवल उन्हीं अधिकारियों को 'चीफ विजिलेंस अफसर' लगाया जाएगा, जिनकी वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट में 'वेरी गुड' लिखा होगा। साथ ही, इस बार महिलाओं और एससी/एसटी वर्ग के अधिकारियों को तय कोटा मिलेगा। यानी उनके लिए जितने पद आरक्षित हैं, उन सभी को अवश्य भरा जाएगा। सभी सीवीओ को अपनी पसंद के तीन विभागों के नाम देंगे। उन्हें सौ शब्दों में लिखकर बताना होगा कि वे यही मंत्रालय, विभाग या उपक्रम क्यों चुन रहे हैं।
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सभी मंत्रालयों और विभागों को मुख्य सतर्कता अधिकारी (चीफ विजिलेंस अफसर) के पदों के लिए 31 जनवरी तक सभी जानकारी भेजने के लिए कहा गया है। इस पद के लिए कई तरह की योग्ताएं निर्धारित की गई हैं। जिस अधिकारी का नाम सीवीओ के लिए भेजा जाएगा, उसमें यह भी देखा जाएगा कि उक्त अधिकारी ने अपना 'कूलिंग ऑफ पीरियड' पूरा किया है या नहीं।
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ऐसे अधिकारी की वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट 31 मार्च 2020 तक अपलोड होनी चाहिए। अगर किसी पीरियड की रिपोर्ट नहीं है तो उसे विस्तृत रूप से कारण बताना होगा। पोस्टिंग डिटेल के लिए अपनी पसंद के तीन विकल्प देने होंगे। ऐसे अधिकारी, जिनके बैच के दूसरे अफसर, भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव के पद वाली सूची में शामिल हैं या उस पद के समकक्ष हैं, ऐसी सूरत में इन अधिकारियों को उक्त मंत्रालय या विभाग में सीवीओ पद के लिए नहीं बुलाया जाएगा।
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वे अधिकारी, जो मौजूदा स्थिति में जिस विभाग या संगठन में कार्यरत हैं, उन्हें वहां भी बतौर सीवीओ की तैनाती नहीं मिलेगी। सीवीओ के ये पद ज्वाइंट सेक्रेटरी, डायरेक्टर और डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर काम करने वाले अफसरों से भरे जाएंगे।
सीवीओ पद के इच्छुक अधिकारियों की 31 मार्च तक गोपनीय रिपोर्ट पूरी होनी चाहिए। यदि किसी अधिकारी की एसीआर गुम हो गई है तो उसका आवेदन सीवीओ के लिए स्वीकार किया जाएगा। बशर्ते, उस अधिकारी ने कोई ठोस कारण बताया हो। ऐसी स्थिति में उस अधिकारी को अपने आवेदन के साथ वैकल्पिक रूप से एनआरसी को अटैच करना होगा।
केवल वही अफसर जिनका रिकॉर्ड पांच साल तक 'वेरी गुड' रहा है, उन्हें सीवीओ पद के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। पोस्टिंग वाले स्थानों में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, रांची, धनबाद, जयपुर, शिमला, गोवा, कोची, कांडला और प्रयागराज आदि जगह शामिल हैं।