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इस साल जन्मदिन पर नवाज शरीफ को PM मोदी से मिला केवल एक ट्वीट
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 25 Dec 2016 05:25 PM IST
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फाइल फोटो
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साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के लिए दिल खोल दिया था, लेकिन अगले ही दिन पाकिस्तानी आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला कर दिया। लेकिन इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी क्रिसमस स्पेशल विजिट पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लिए सुरक्षित रखा और नवाज शरीफ को जो मिला वह सिर्फ एक ट्वीट था।
प्रधानमंत्री ने नवाज शरीफ को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके लंबे जीवन की कामना की। पठानकोट और उड़ी हमले सहित भारत लगातार पाकिस्तान समर्थित आतंक का सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शरीफ की 'लंबी उम्र' की कामना करना आतंक के समर्थकों को करारा जवाब है।
पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवाज शरीफ को जन्म दिन की बधाई देने के लिए लाहौर उतरे और शरीफ के घर जाकर उनको जन्मदिन की बधाई देने के साथ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के परिवार को उनकी पोती की शादी के शुभकामनाएं भी दीं।
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सबको चौंकाते हुए प्रधानमंत्री ने पिछले 25 दिसंबर को पाकिस्तान की अपनी अप्रत्याशित दौरे की घोषणा ट्विटर पर की थी। मोदी उस दौरे के समय काबुल से भारत लौट रहे थे और शरीफ को बधाई देने के लिए लाहौर में उतर गए।
लाहौर में मोदी के उतरने के बाद दोनों नेता हेलिकॉप्टर में बैठकर एयरपोर्ट से 20 किमी दूर जाती उम्र रायविंड शरीफ के घर गए। यह पहला मौका था जब दोनों देशों के नेताओं ने साथ ट्रैवल किया और 2004 के बाद पहला मौका था जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का दौरा किया।
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प्रधानमंत्री ने नवाज शरीफ को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके लंबे जीवन की कामना की। पठानकोट और उड़ी हमले सहित भारत लगातार पाकिस्तान समर्थित आतंक का सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शरीफ की 'लंबी उम्र' की कामना करना आतंक के समर्थकों को करारा जवाब है।
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पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवाज शरीफ को जन्म दिन की बधाई देने के लिए लाहौर उतरे और शरीफ के घर जाकर उनको जन्मदिन की बधाई देने के साथ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के परिवार को उनकी पोती की शादी के शुभकामनाएं भी दीं।
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सबको चौंकाते हुए प्रधानमंत्री ने पिछले 25 दिसंबर को पाकिस्तान की अपनी अप्रत्याशित दौरे की घोषणा ट्विटर पर की थी। मोदी उस दौरे के समय काबुल से भारत लौट रहे थे और शरीफ को बधाई देने के लिए लाहौर में उतर गए।
लाहौर में मोदी के उतरने के बाद दोनों नेता हेलिकॉप्टर में बैठकर एयरपोर्ट से 20 किमी दूर जाती उम्र रायविंड शरीफ के घर गए। यह पहला मौका था जब दोनों देशों के नेताओं ने साथ ट्रैवल किया और 2004 के बाद पहला मौका था जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का दौरा किया।
जवाब में PM मोदी को गिफ्ट में मिले आतंकी हमले
प्रधानमंत्री मोदी के 150 मिनट लंबे लाहौर दौरे पर दोनों नेताओं ने दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता और शांति के लिए रास्ते खोलने पर विचार विमर्श किया। लेकिन एक हफ्ते के भीतर ही भारत को पाकिस्तान की ओर से नए साल का गिफ्ट पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के रूप में मिला। इस हमले में सात सैनिक मारे गए और सभी आतंकियों को नेस्तूनाबूंद करने में एक हफ्ते लग गए।
इसके बाद सितंबर महीने में सेना की 12वीं ब्रिगेड के मुख्यालय पर उड़ी में आतंकी हमला हुआ। इस हमले में 18 जवान मारे गए और 19 से ज्यादा घायल हुए।
नवंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान जाना था, लेकिन उड़ी हमले के बाद ये दौरा रद्द कर दिया गया। भारत के प्रतिरोध के बाद सार्क के ज्यादातर देशों ने सम्मेलन में हि्स्सा लेने से इंकार किया। इसके बाद सार्क सम्मेलन को रद्द कर दिया गया।
उड़ी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को अंतराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग करने के लिए अभियान छेड़ दिया। शरीफ को अपने ही घर में पनामा पेपर्स में नाम आने के बाद राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
यदि नवाज शरीफ अपने पिछले जन्मदिन को आज उत्साह से याद कर रहे हो, तो कोई आश्चर्य नहीं है।
इसके बाद सितंबर महीने में सेना की 12वीं ब्रिगेड के मुख्यालय पर उड़ी में आतंकी हमला हुआ। इस हमले में 18 जवान मारे गए और 19 से ज्यादा घायल हुए।
नवंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान जाना था, लेकिन उड़ी हमले के बाद ये दौरा रद्द कर दिया गया। भारत के प्रतिरोध के बाद सार्क के ज्यादातर देशों ने सम्मेलन में हि्स्सा लेने से इंकार किया। इसके बाद सार्क सम्मेलन को रद्द कर दिया गया।
उड़ी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को अंतराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग करने के लिए अभियान छेड़ दिया। शरीफ को अपने ही घर में पनामा पेपर्स में नाम आने के बाद राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
यदि नवाज शरीफ अपने पिछले जन्मदिन को आज उत्साह से याद कर रहे हो, तो कोई आश्चर्य नहीं है।