पेशा है मजदूरी और सालाना आय 7.85 करोड़ रुपये!
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पेशा मजदूरी और सालाना आमदनी 7.85 करोड़ रुपये। यह हकीकत नहीं है लेकिन यहां के राजस्व कर्मियों ने एक किसान के साथ यह मजाक किया है। लेखपाल और कानूनगो ने सात एकड़ खेत के मालिक किसान को मजदूर बताकर उसकी आय सात करोड़ 85 लाख रुपये सालाना दिखा दी। उसे इस आशय का आय प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया। अब किसान परिवार इसे दुरुस्त कराने के लिए भटक रहा है।
पुवायां के गांव नगरिया प्रयागपुर के रामकुमार सिंह अपने बेटे राहुल के साथ खेती करते हैं। रामकुमार सिंह की बेटी कुंती देवी शाहजहांपुर के आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में एमए फाइनल की छात्रा है। उसे पीलीभीत के शारदा कॉलेज से नर्सिंग कोर्स में दाखिले के लिए आय प्रमाणपत्र की आवश्यकता थी।
रामकुमार ने शिक्षक अनूप कुमार के माध्यम से आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए गांव ढकिया खुर्द के जनसेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कराया था। 19 जुलाई को तहसीलदार सुशीलचंद्र गुप्ता के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त आय प्रमाणपत्र कुंती को मिला तो उसके होश उड़ गए।
आय का स्रोत लिखा मजदूरी
आय प्रमाणपत्र में उसके पिता रामकुमार सिंह की आय का स्रोत मजदूरी लिखा हुआ था। इसमें आय 65,43,454 रुपये प्रतिमाह और सालाना 7,85,21,456 रुपये दर्शाई गई थी। रामकुमार सिंह खेती करते हैं, लेकिन प्रमाणपत्र में भारी भरकम आय के साथ ही उन्हें मजदूर बताया गया है।
कुंती अपने पिता के साथ करोड़ों की आय का प्रमाणपत्र लेकर इसे दुरुस्त कराने के लिए अधिकारियों की चौखट पर चक्कर लगा रही है। इस संबंध में नगरिया प्रयागपुर के लेखपाल सुशील कुमार ने बताया कि उन्होंने कुंती देवी नाम के किसी आय प्रमाणपत्र पर रिपोर्ट नहीं लगाई है। इतनी ज्यादा आय का प्रमाणपत्र कैसे बना इसकी जानकारी कराई जाएगी।
किसान को मजदूर बताए जाने और करोड़ों की आय दिखाए जाने के मामले की जांच कराई जाएगी। प्रमाणपत्र को निरस्त करा दिया जाएगा। गड़बड़ी कहां से हुई यह जांच भी कराई जाएगी।
-रामशंकर, एसडीएम पुवायां