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दिल्ली की जहरीली आबो-हवा से ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 08 Nov 2017 05:49 AM IST
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देश की राजधानी दिल्ली में सांस लेना अब मुश्किल होने लगा है। पूरी दिल्ली को धुंध के गुबार ने अपने आगोश में ले रखा है। इस धुंध का असर एनसीआर के शहरों यानी गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम में छह नवंबर की रात से दिखाई देने लगा था। सात नवंबर की सुबह दृश्यता काफी कम रही।
लोग इसे फॉग या कोहरा मान लेते हैं जबकि ऐसा नहीं है। यह स्मॉग है यानी धुआं, गैस और रसायनिक कणों का मिश्रण। और आपको इससे सावधान रहने की जरूरत है। स्मॉग की वजह से ना केवल सांस लेना मुश्किल हो जाता है बल्कि यह सेहत के लिए भी बहुत खतनाक है। आइए आपको कुछ ऐसे जरूरी उपाय बताते हैं जिसे अपनाकर इस खतरे से बच सकते हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक जहरीली धुंध से ऐसे बचेंः
जरूरी न हो बाहर न निकलें अगर आपको किसी काम के लिए निकलना पड़ता है तो मुंह पर रुमाल, कपड़ा या मास्क का इस्तेमाल करें इससे आप जहरीले धुंध से सुरक्षित रह सकते हैं। अगर आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही हो इस बचाव के बाद भी तो डॉक्टर की सलाह लें। लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
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लोग इसे फॉग या कोहरा मान लेते हैं जबकि ऐसा नहीं है। यह स्मॉग है यानी धुआं, गैस और रसायनिक कणों का मिश्रण। और आपको इससे सावधान रहने की जरूरत है। स्मॉग की वजह से ना केवल सांस लेना मुश्किल हो जाता है बल्कि यह सेहत के लिए भी बहुत खतनाक है। आइए आपको कुछ ऐसे जरूरी उपाय बताते हैं जिसे अपनाकर इस खतरे से बच सकते हैं।
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डॉक्टरों के मुताबिक जहरीली धुंध से ऐसे बचेंः
जरूरी न हो बाहर न निकलें अगर आपको किसी काम के लिए निकलना पड़ता है तो मुंह पर रुमाल, कपड़ा या मास्क का इस्तेमाल करें इससे आप जहरीले धुंध से सुरक्षित रह सकते हैं। अगर आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही हो इस बचाव के बाद भी तो डॉक्टर की सलाह लें। लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
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ऐसे रखें अपना खयाल
पार्क में जाकर व्यायाम करने से बचें
स्मॉग में अस्थमा के रोगियों के लिए घर के बाहर की ही नहीं बल्कि घर के अंदर की हवा भी सुरक्षित नहीं है। अगर संभव हो तोपार्क में जाकर व्यायाम करने से बचें।
एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें
स्मॉग होने पर सांस लेने कठिनाई सी होती है। ऐस में अगर संभव हो तो घर के भीतर एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें।
एयर फ्रेशनर का इस्तेमाल ना करें
स्मॉग होने पर घर में एयर फ्रेंशनर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। साथ ही कोशिश करें कि धूप बत्ती और अगरबत्ती भी न जलाई जाए।
कार में वेंटिलेशन बनाए रखें
जिस समय आप ड्राइव कर रहे हों या फिर गाड़ी में बैठे हों, यह जरूर सुनिश्चित करें कि हवा का आना-जाना संतुलित बना रहे। केबिन में कार्बन डाय ऑक्साइड का लेवल बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
स्मॉग का स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव
* इससे बच्चों और बुजुर्गों को सांस की बीमारियां सबसे ज्यादा परेशान करती हैं।
* दमा और ब्रोंकाइटिस की समस्या बढ़ जाती हैं।
* लोगों को खांसी, छींक, सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द की शिकायत होती है।
* आंखों में जलन और सिरदर्द होता है। ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है।
स्मॉग में अस्थमा के रोगियों के लिए घर के बाहर की ही नहीं बल्कि घर के अंदर की हवा भी सुरक्षित नहीं है। अगर संभव हो तोपार्क में जाकर व्यायाम करने से बचें।
एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें
स्मॉग होने पर सांस लेने कठिनाई सी होती है। ऐस में अगर संभव हो तो घर के भीतर एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें।
एयर फ्रेशनर का इस्तेमाल ना करें
स्मॉग होने पर घर में एयर फ्रेंशनर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। साथ ही कोशिश करें कि धूप बत्ती और अगरबत्ती भी न जलाई जाए।
कार में वेंटिलेशन बनाए रखें
जिस समय आप ड्राइव कर रहे हों या फिर गाड़ी में बैठे हों, यह जरूर सुनिश्चित करें कि हवा का आना-जाना संतुलित बना रहे। केबिन में कार्बन डाय ऑक्साइड का लेवल बढ़ने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
स्मॉग का स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव
* इससे बच्चों और बुजुर्गों को सांस की बीमारियां सबसे ज्यादा परेशान करती हैं।
* दमा और ब्रोंकाइटिस की समस्या बढ़ जाती हैं।
* लोगों को खांसी, छींक, सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द की शिकायत होती है।
* आंखों में जलन और सिरदर्द होता है। ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है।
क्या है स्मॉग
स्मॉग शब्द का प्रयोग पहली बार 1905 में डॉ. हेनरी एंटोनी ने अपने एक आर्टिकल में किया था, जो स्मोक और फॉग को जोड़कर बनाया गया था। स्मॉग धुएं की एक परत है, जो हमारी धरती को घेर लेती है। यह एक तरह का वायु प्रदूषण है।
क्या होता है स्मॉग में
स्मॉग में हानिकारक गैसें व तत्व जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर के कण, नाइट्रोजन ऑक्साइड, आधे जले पेट्रोलियम पदार्थ, जमीन के आसपास की ओजोन, धूल कण और कई जहरीले केमिकल्स मौजूद रहते हैं।
क्या होता है स्मॉग में
स्मॉग में हानिकारक गैसें व तत्व जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर के कण, नाइट्रोजन ऑक्साइड, आधे जले पेट्रोलियम पदार्थ, जमीन के आसपास की ओजोन, धूल कण और कई जहरीले केमिकल्स मौजूद रहते हैं।