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इन भारतीय महिलाओं ने दुनिया में मनवाया अपने नेतृत्व का लोहा

Sat, 04 Jan 2020 07:46 PM IST
Rama Solanki रमा सोलंकी
Updated Sat, 04 Jan 2020 07:46 PM IST
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सार
  • अमेजन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल होने वाली इंदिरा नूई दूसरी महिला हैं
  • डॉ सौम्या स्वामीनाथन सर्वोच्च पद पर पहुंचने वाली पहली भारतीय हैं 
  • कमला हैरिस अमेरिकी सीनेटर बनने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी हैं
  • अंजलि सूद वीमिओ की सीईओ बनकर दिखाया कमाल 
  • वर्ल्ड बैंक की सीएफओ अंशुला कांत हैं एक  बेहतरीन टीम लीडर 
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These iron ladies showed their potential to the world with their leadership skills
इन भारतीय महिलाओं ने दुनियां को मनवाया अपने नेतृत्व का लोहा   - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

इन भारतीय महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और कुछ कर गुजरने के जज्बे के बल पर देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में ना सिर्फ अपना नाम बल्कि अपने मुल्क का नाम भी रोशन किया हैं। खास बात ये है कि इन शख्सियतों ने वित्त और बैंकिंग से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी अपना दबदबा कायम किया किया। खासकर जिन क्षेत्रों में परंपरागत तौर पर पुरुषों का वर्चस्व रहा है। हम आपको बता रहे हैं ऐसी ही कुछ महिलाओं के बारे में जिन पर मुल्क को नाज है। आइए जानते हैं ऐसी महिला शक्ति के बारे में

अमेजन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल होने वाली इंदिरा नूई दूसरी महिला हैं।

इंदिरा नूई
इंदिरा नूई - फोटो : Amar Ujala

पेप्सीको की पूर्व सीईओ इंदिरा नूई विश्व की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल होने वाली दूसरी महिला हैं। इंदिरा नूई का जन्म 1955 में  चेन्नई में हुआ था। उनके पिता स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद में कार्यरत थे। वहीं दादा जिला न्यायाधीश थे। दुनिया की सबसे ताकतवर महिलाओं में शुमार होने के साथ नूई बिजनेस की दुनिया का भी ताकतवर चेहरा हैं। नूई फोर्ब्स मैगजीन की 'दुनिया की 100 सबसे ताकतवर महिलाएं' सूची में 2008 से लेकर 2014 तक लगातार रहीं। फार्च्यून मैगजीन ने नूई को 2006 से लेकर 2010 तक अपनी 'सबसे शक्तिशाली बिजनेस वुमेन' की सलाना रैंकिंग में पहले नंबर पर रखा था। वर्ष 2007 में भारत सरकार ने इंदिरा को पद्म विभूषण से सम्मानित किया था।

साहस, मुझे लगता है कि आज सबसे ज्यादा कमी इसी की है। यदि आप महान बनना चाहते हैं तो आपको स्टैंड लेना आना चाहिए। जो अपने निर्णय और विचार को पूरे साहस के साथ तय करते हैं और उसके प्रति दृढ़ रहते हैं, उन्हें सफलता जरूर मिलती है। - इंदिरा नूई

डॉ सौम्या स्वामीनाथन

डॉ सौम्या स्वामीनाथन
डॉ सौम्या स्वामीनाथन - फोटो : Amar Ujala

जिस लड़की को कभी चंडीगढ़ पीजीआई ने देरी से पहुंचने के कारण दाखिला नहीं दिया था। वह आज एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक है। फिर एक दिन उसी लड़की को चंडीगढ़ पीजीआई में बतौर मुख्य वक्ता आमंत्रित किया गया था। इनकी पहचान सिर्फ देश में नहीं बल्कि अंतराराष्ट्रीय स्तर पर एक सफल वैज्ञानिक के रूप में है।

सौम्या स्वामीनाथन विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक हैं। डब्लूएचओ की उप-महानिदेशक है। वो डब्लूएचओ में इस सर्वोच्च पद पर पहुंचने वाली पहली भारतीय हैं। सौम्या स्वामीनाथन का जन्म 2 मई 1959 को चेन्नई में हुआ था। उन्होंने पुणे (महाराष्ट्र) के सशस्त्र सेना मेडिकल कॉलेज से स्नातक किया। बाल रोग विशेषज्ञ सौम्या स्वामीनाथन ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से एमडी की डिग्री भी हासिल की है। सौम्या देश की मशहूर बाल रोग विशेषज्ञ भी हैं और क्लिनिकल केयर और रिसर्च में उनका अनुभव 30 साल का है।

  • डा. सौम्या स्वामीनाथन की पहचान क्लीनिकल साइंटटिस्ट के तौर पर है।
  • उन्होंने ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) पर काफी बेहतरीन रिसर्च की हुई है।
  • आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद उन्होंने एम्स से पीडियाट्रिक्स में एमडी की डिग्री हासिल की है।
  • उसके बाद उन्हें कैलिफोर्निया के चिल्ड्रन हॉस्पिटल से फेलोशिप मिली।
  • वे नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्यूबरकोलोसिस की डायरेक्टर भी रही हैं।

 कमला हैरिस

कमला हैरिस
कमला हैरिस - फोटो : Amar Ujala

अमेरिकी सीनेटर कमला हैरिस: हैरिस कैलिफॉर्निया की अटॉर्नी जनरल बनने वाली पहली महिला थीं। कमला हैरिस अमेरिकी सीनेटर बनने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी हैं।

अंजलि सूद

अंजलि सूद 
अंजलि सूद  - फोटो : Amar Ujala

अंजलि सूद 2017 में वीमिओ की सीईओ बनीं। उनके नेतृत्व में वीमिओ के सब्सक्राइबरों की संख्या बढ़कर 10 लाख हो गई। 2018 में वीमिओ का रेवेन्यू भी बढ़कर 16 करोड़ डॉलर हो गया। 

अंशुला कांत

अंशुला कांत 
अंशुला कांत  - फोटो : Amar Ujala

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की प्रबंध निदेशक (MD) अंशुला कांत को हाल ही में विश्व बैंक का प्रबंध निदेशक और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर बनाया गया है। अंशुला कांत वर्ल्ड बैंक की सीएफओ भी हैं। बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास ने उन्हें बेहतरीन लीडर कहा है। उन्हें किसी भी तरह के जोखिम लेने से लेकर ट्रेजरी यानी वित्त संबंधी मामलों, फंडिंग यानी वित्तपोषण, नियामकीय मामलों और सामान्य कामकाज में महारत हासिल है। कांत को नोटबंदी से दौर में काम को अच्छे तरीके से संचालित करने के लिए भी जाना जाता है।

"मैं उनका स्वागत करता हूं। उनके साथ काम करने के लिए मैं और मेरी टीम तैयार हैं। हम सभी उनके साथ मिलकर बेहतर नतीजे हासिल करने में मदद करेंगे। मल्पास के मुताबिक सीएफओ कांत रिस्क मैनेजमेंट और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग के मामले में वर्ल्ड बैंक सीईओ के साथ मिलकर अपना काम करेंगी। "
डेविड मल्पास, वर्ल्ड बैंक प्रेसिडेंट

 

  • अंशुला कांत ने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमन से इकोनॉमिक ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है।
  • दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री भी हासिल की है।
  • 6 सितंबर, 2018 को उन्हें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया गया था। 
  • इससे पहले वो एसबीआई की डिप्टी एमडी एवं सीएफओ के पद पर कार्यभार संभाल चुकी हैं।
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