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दूरसंचार कंपनियों के एजीआर बकाए में हो सकता है बदलाव
Wed, 19 Feb 2020 08:50 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 19 Feb 2020 08:50 PM IST
सार
दूरसंचार कंपनियों को सकल समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) मामले में दूरसंचार विभाग (डॉट) से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है। डॉट ने कहा कि वह अंतिम एजीआर तय किए जाने पर अभी तक काम कर रहा है, क्योंकि विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा अपनाई गई गणना की प्रक्रिया में अंतर सामने आया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
सूत्रों ने कहा कि डॉट की लाइसेंस फाइनेंस इकाई ने 3 फरवरी को जारी पत्र में एजीआर के मिलान के लिए संचार खाता महानियंत्रक को दिशानिर्देश जारी किए थे और कंपनियों को अंतिम भुगतान में कटौती के संबंध में प्रमाण देने के लिए 15 दिन का समय दिया था। इससे पहले लाइसेंस इकाई ने डेबिट वाउचर रिपोर्ट्स (डीवीआर) के पुन: सत्यापन के लिए सर्किलों को 4 दिसंबर और फिर 13 दिसंबर को नोट भेजे गए थे।
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एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘विभाग को डीवीआर से संबंधित विभिन्न मुद्दों के संशोधित आकलन कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया सहित विभिन्न दूरसंचार कंपनियों ने कई डीवीआर को चुनौती दी है।’
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उन्होंने कहा, क्षेत्रीय कार्यालयों ने गणना की एक समान प्रक्रिया नहीं अपनाई है। डॉट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के क्रम में डीवीआर के पुन: सत्यापन के लिए कहा है।
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