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सुप्रीम कोर्ट में मौत से पहले ही जता दी गई थी विकास के एनकाउंटर की आशंका
Sat, 11 Jul 2020 04:47 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला, नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला, नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sat, 11 Jul 2020 04:47 AM IST
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कानपुर कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की मुठभेड़ में मौत से कुछ घंटे पहले ही सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका देकर उसके एनकाउंटर की आशंका जताई गई थी। याचिका में यूपी सरकार को विकास दुबे को सुरक्षित यूपी के कोर्ट में पेश करने का निर्देश देने की अपील की गई थी।
याचिकाकर्ता वकील घनश्याम उपाध्याय ने बृहस्पतिवार शुक्रवार की दरमियानी रात दो बजे ऑनलाइन याचिका दाखिल कर दलील दी थी कि पुलिस ने अब तक विकास के जितने सहयोगियों को पकड़ा है उनको मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। ऐसे में उज्जैन से ट्रांजिट रिमांड पर यूपी लाते वक्त पुलिस विकास का भी एनकाउंटर कर सकती है।
उन्होंने साथ ही विकास के पांच सहयोगियों की मुठभेड़ में मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कराने और इस मामले की शीर्ष कोर्ट की देखरेख में सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की। दलील दी कि इन पांचों की मौत न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि अमानवीय और देश के तालिबानीकरण जैसा है।
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याचिकाकर्ता वकील घनश्याम उपाध्याय ने बृहस्पतिवार शुक्रवार की दरमियानी रात दो बजे ऑनलाइन याचिका दाखिल कर दलील दी थी कि पुलिस ने अब तक विकास के जितने सहयोगियों को पकड़ा है उनको मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। ऐसे में उज्जैन से ट्रांजिट रिमांड पर यूपी लाते वक्त पुलिस विकास का भी एनकाउंटर कर सकती है।
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उन्होंने साथ ही विकास के पांच सहयोगियों की मुठभेड़ में मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कराने और इस मामले की शीर्ष कोर्ट की देखरेख में सीबीआई से जांच कराने की भी मांग की। दलील दी कि इन पांचों की मौत न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि अमानवीय और देश के तालिबानीकरण जैसा है।
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