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सतारा बांध के पास मिली विलुप्ति की कगार पर पहुंची ‘डैम्जल्फ्लाई’ की प्रजाति
Tue, 07 Jul 2020 06:04 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, सतारा
अमर उजाला नेटवर्क, सतारा
Published by: अवधेश कुमार
Updated Tue, 07 Jul 2020 06:04 AM IST
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Damjalfly
- फोटो : social Media
महाराष्ट्र के तीन प्रकृति संरक्षणकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्होंने करीब-करीब विलुप्त हो गए डैम्जल्फ्लाई की प्रजाति ‘लेस्टेस पैट्रिसिया’ को 100 वर्ष के बाद दोबारा खोजा है। इस उप प्रजाति के झुंड को ‘लेस्टेस पैट्रिसिया ताम्रपट्टी’ नाम दिया गया है और इसकी खोज डॉ.श्रीराम भाकरे, सुनील भोइते और प्रतिमा पवार भोइते ने उमरोडी बांध इलाके में की है, जो कि सतारा जिले में उत्तरी पश्चिमी घाट की पहाड़ियों की तराई में स्थित है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, कर्नाटक के कोडागू (कुर्ग) जिले में स्थित पश्चिमी घाट में 1922 में एकमात्र नर ‘लेस्टेस पेट्रिसिया’ को देखा गया था और इस समय उसके अवशेष को लंदन स्थित नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में संरक्षित करके रखा गया है। खोजी गई नई प्रजाति समूह लंदन स्थित संग्रहालय में रखे गए नर ‘पेस्टेस पैट्रिसिया’ से मेल खाती है, लेकिन नई प्रजाति और ‘लेस्टेस पैट्रिसिया’ की वर्णित जानकारी में कुछ स्थायी अंतर है।
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शोधकर्ताओं के मुताबिक, कर्नाटक के कोडागू (कुर्ग) जिले में स्थित पश्चिमी घाट में 1922 में एकमात्र नर ‘लेस्टेस पेट्रिसिया’ को देखा गया था और इस समय उसके अवशेष को लंदन स्थित नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में संरक्षित करके रखा गया है। खोजी गई नई प्रजाति समूह लंदन स्थित संग्रहालय में रखे गए नर ‘पेस्टेस पैट्रिसिया’ से मेल खाती है, लेकिन नई प्रजाति और ‘लेस्टेस पैट्रिसिया’ की वर्णित जानकारी में कुछ स्थायी अंतर है।
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