किसानों, श्रमिकों और एमएसएमई को सीधा पैसा देने से ही सुधरेगी स्थिति: राहुल गांधी
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि देश की संगठित और असंगठित अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी से पहले भी संघर्ष कर रही थी। राहुल ने शुक्रवार को ट्वीट किया, स्वर्गीय राजीव गांधी के जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कार्यक्रम में मेरे संबोधन के अंश। कोरोना संकट से पहले ही संगठित और असंगठित अर्थव्यवस्थाएं बुरी स्थिति में थीं। जब तक सरकार किसानों, श्रमिकों और सूक्ष्म, लघु व मझोले उद्यमों को सीधा पैसा ट्रांसफर नहीं किया जाता, स्थिति नहीं सुधरेगी। राहुल ने ट्वीट के साथ एक वीडियो क्लिप भी साझा किया।
वीडियो में राहुल ने कहा, छत्तीसगढ़ सरकार गरीबों, किसानों व छोटे व्यवसायों के लिए विभिन्न योजनाओं के जरिये शानदार काम कर रही है। बीते कुछ वर्षों में देश में कई लोगों ने काफी कुछ खोया है। सरकार गरीबों पर एक के बाद एक हमला कर रही है। देश की असंगठित अर्थव्यवस्था में किसान, छोटे उद्योग व करोड़ों गरीब लोग शामिल हैं। जहां भी कांग्रेस सरकारें हैं, वहां इन दोनों अर्थव्यवस्थाओं में संतुलन बनाया जा रहा है। अगर असंगठित अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तो यह कोई भी झटका सह सकती है। लेकिन बीते छह सालों से पीएम मोदी असंगठित अर्थव्यवस्था पर लगातार हमला कर रहे हैं।
असंगठित अर्थव्यवस्था में बहुत पैसा है, जो पीएम मोदी बड़े उद्योगों को देना चाहते हैं। यह क्षेत्र देश के 90 फीसदी रोजगार देता है और इस सिस्टम को पीएम मोदी ने तबाह कर दिया है। आप देखेंगे जैसे ही मोरेटोरियम अवधि खत्म होगी, एक के बाद एक कंपनी डूबना शुरू होगी। आने वाले समय में देश अपने युवाओं को रोजगार नहीं दे पाएगा